- शहर के करीब 500 से अधिक शिवालयों में विशेष आयोजन होंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिलेभर में रविवार को महाशिवरात्रि उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। शहर में करीब 500 से अधिक शिवालयों और मंदिरों में भक्त अपनी भक्ति प्रकट करेंगे और रातभर जागरण करेंगे। प्रमुख शिवालयों में प्रेम नगर, शक्ति नगर, अग्रसेन कॉलोनी, अग्रवाल कॉलोनी, सालासर मंदिर, शिवधाम, हाउसिंग बोर्ड, पुलिस लाइन मंदिर और शिवपुरी शामिल हैं।
भक्तों ने तैयारी शुरू कर दी है। मंदिरों में सजावट, दीपमालाएं, फूलों और झंडियों से आकर्षक वातावरण तैयार किया जा रहा है। पुजारी और मंदिर समिति ने पूजा सामग्री, दीपक और प्रसाद की व्यवस्था पूरी कर ली है। विशेष रूप से शिवरात्रि के अवसर पर रात्रि जागरण, भजन संध्या, शिव मंत्र और आरती का आयोजन होगा। शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भीड़ सुबह से ही दर्शन और पूजा के लिए जुट जाएगी। शिवालयों में विशेष भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। अग्रसेन और अग्रवाल कॉलोनी के मंदिरों में भक्तों के बैठने और सुरक्षित दर्शन के लिए पंडाल बनाए गए हैं। सालासर मंदिर और शिवधाम में हवन और महाअरती का आयोजन होगा।
श्री बाबा तारा कुटिया में हवन-लंगर
रानियां रोड स्थित बाबा तारा कुटिया में महाशिवरात्रि के अवसर पर विभिन्न आयोजन होंगे। रविवार को लाखों श्रद्धालु भंडारे में भाग लेने आएंगे। भंडारे का शुभारंभ पूर्व मंत्री एवं हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा करेंगे। महाशिवरात्रि की सुबह विश्व शांति और कल्याण की भावना से हवन यज्ञ भी संपन्न होगा। कुटिया को सजावट और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। बाबा तारा का जन्म महाशिवरात्रि के दिन हुआ था, इसलिए इस दिन भक्तों में विशेष उत्साह देखा जाता है। भंडारे के लिए लंगर सेवा, सफाई व्यवस्था, पंडाल और वीआईपी पंडाल व्यवस्था, पार्किंग एवं ट्रैफिक नियंत्रण, पूछताछ और शिकायत केंद्र, डिस्पेंसरी, स्टेज, कुटिया मेन गेट, लाइट और जेनरेटर तथा साउंड व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुनिश्चित किया गया है।
वर्जन
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा और जागरण से शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त होती है। श्रद्धालु रातभर भगवान शिव के मंत्र जपेंगे और आस्था के साथ रात्रि पर्व मनाएंगे। महाशिवरात्रि पर जिलेभर में हर मंदिर में विधिवत पूजा, भजन, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करता है।
- पंडित अरुण कौशिक, गीता भवन मंदिर सिरसा।