संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। बीमा क्लेम और मुआवजे की मांग को लेकर गांव नारायण खेड़ा के जलघर की टंकी पर चढ़े 4 किसानों की 100 घंटे बीतने के बाद भी सरकार ने कोई सुध नहीं ली गई है। इसको लेकर जिले के किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। किसान अब सोमवार को महापंचायत करेंगे और आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लेंगे। इसके लिए 11 सदस्य कमेटी का भी गठन किया गया है। वहीं, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने किसानों से टंकी से नीचे उतर कर अपनी बात रखने की अपील की है।
नारायण खेड़ा में जलघर की टंकी पर चढ़ रहे चार किसानों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठने वाले किसानों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। रविवार को 13 किसान आमरण अनशन पर बैठे। बता दें कि खरीफ फसल 2022 का बीमा क्लेम व मुआवजे के लिए किसानों को 5 मई से नाथूसरी चोपटा तहसील कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। समाधान नहीं होता देख क्षेत्र के भरत सिंह झाझड़ा दीवान सहारण, नरेंद्र पाल सहारण, जेपी कासनिया ने नारायण खेड़ा गांव के जलघर की टंकी पर चढ़कर आंदोलन को और तेज कर दिया।
ये आमरण अनशन पर बैठे
किसानों के समर्थन में हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल, सरपंच उदयपाल ढिल्लों, सुभाष कासनियां, मांगेराम बैनीवाल, नंदलाल ढिल्लों, ओमप्रकाश झुरिया, महावीर सिंह, सतवीर सिंह, विजेंद्र, विनोद बांगड़वा, मुकेश कुमार, अशोक बैनीवाल चाहरवाला, देवीलाल अली मोहम्मद सहित 13 किसानों ने आमरण शुरू कर दिया है।
विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने दिया समर्थन
किसानों के समर्थन में गोकुल सेतिया, कांग्रेसी नेता पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल, पुनीता रानी, बलदेव राज, दयाराम सहारण शक्कर मंदोरी, रणधीर जोधका सहित कई नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया।
किसानों की मांगों को अनसुना कर सरकार कर रही है : संतोष बैनीवाल
पिछले दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठी सरपंच एसोसिएशन की उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल व अन्य सरपंचों ने सरकार के तानाशाही रवैया के प्रति रोष जताया है। सरकार पूर्णता तानाशाही रवैया अपना रही है। किसानों की जायज मांगों को अनसुना कर सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि जलघर की टंकी पर चढ़े 4 किसानों को किसी भी प्रकार का शारीरिक व मानसिक नुकसान हुआ तो उसके जिम्मेदार सरकार व प्रशासन होगा।
टंकी पर चढ़े किसानों से अपील- नीचे उतारकर करें बातचीत, होगा समाधान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा के नारायण खेड़ा में फसल बीमा की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े किसानों से का मामला उनके संज्ञान में आया है। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली है। उपायुक्त ने मामले की पूरी डिटेल सरकार को भेज दी गई है। जल्द ही गंभीरता से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने टंकी पर चढ़े किसानों से अपील की कि वे नीचे उतर कर अपनी बात रखें। सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ है।