संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव ख्योंवाली में हुए विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं को लेकर हरियाणा लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांव की पूर्व सरपंच से 9,69,384 रुपये की वसूली के आदेश जारी किए हैं। साथ ही ग्राम सचिव मुबीन मोहम्मद के वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए शिकायतकर्ता एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा समिति के सदस्य गुरलाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में गांव ख्योंवाली की सरपंच, उनके पति और ग्राम सचिव ने मिलकर गांव में सफाई, जोहड़ की सफाई, पाइप लीकेज ठीक करवाने, वाटर वर्क्स की मोटर मरम्मत और गलियों के निर्माण जैसे विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर लाखों रुपये का गबन किया था।
उन्होंने बताया कि मिट्टी ढुलाई के नाम पर जिन वाहनों के नंबर रिकॉर्ड में दिखाए गए, उनमें एक ट्रैक्टर के स्थान पर स्कूटर का नंबर दर्ज था। सभी कार्यों के फर्जी बिल बनाकर चेक काटे गए और तीनों ने मिलकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया।गुरलाल सिंह ने बताया कि इस गड़बड़ी को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने मामले को हरियाणा लोकायुक्त के पास भेजा। लंबी जांच प्रक्रिया के बाद लोकायुक्त ने सरपंच, उनके पति और ग्राम सचिव को दोषी मानते हुए बीडीपीओ सिरसा को पत्र भेजकर सरपंच से 9,69,384 रुपये की वसूली करने और ग्राम सचिव का इंक्रीमेंट रोकने के आदेश दिए हैं।