बिश्नोई मंदिर में प्रवचन करते हुए संत संदीप। स्रोत : सभा
सिरसा। बिश्नोई सभा के 51वेंं स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में साप्ताहिक जाम्भाणी हरिकथा ज्ञान का शुभारंभ बिश्नोई मंदिर में संत संदीप की ओर से ग्रंथ पूजन व हवन किया गया। उन्होंने बताया कि श्रद्धा व विश्वास के साथ हरिकथा श्रवण करने से मनुष्य चतुर बनता है। चतुर व्यक्ति को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मनुष्य परमात्मा व मृत्यु को हर समय याद रखते हैं तथा ईश्वर का जप करते हुए सद्मार्ग पर चलकर अपना जीवन यापन करते हैं।
इस कथा प्रवचन कार्यक्रम में संत के साथ राकेश उर्फ रॉकी गुजर व अन्य गायक व संगीत मंडली भी उपस्थित थीं। सभा प्रधान खेमचंद बैनीवाल, सचिव ओपी बिश्नोई, उप प्रधान कृष्णपाल बैनीवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बैनीवाल, सहसचिव भूप सिंह कस्वां, सहसचिव जगतपाल कड़वासरा, की कार्यक्रम में विशेष भूमिका रही। शहर व आस-पास के गांवों व ढाणियों से महिलाएं, पुरुष व बच्चे भी उपस्थित रहे। आरती व प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन हुआ।