बिजली निगम की लापरवाही एक बच्ची की जान पर भारी पड़ गई। वार्ड नंबर नौ स्थित गुरुद्वारे में अरदास करके लौट रही एक छह वर्षीय बच्ची के ऊपर शनिवार रात बिजली का तार टूटकर गिर गया।
करंट लगने की वजह से उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह सिरसा के सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस वजह से लोगों में जबरदस्त रोष है।
वहीं, बिजली निगम के अधिकारी अपनी गलती को छुपाने के लिए लोगों के ऊपर ही इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं। निगम का कहना है कि लोग बिजली चोरी के लिए कुंडी लगाते हैं। इस वजह से बिजली के तार ढीले हो गए हैं, जो टूटकर गिर रहे हैं।
गुरुनानक नगर निवासी किरायना दुकानदार सुरेश कुमार की छह वर्षीय बेटी शिवानी यूकेजी में पढ़ती थी। शिवानी हररोज गुरुद्वारे में अरदास करने जाती थी।
शनिवार रात सात बजे शिवानी हर दिन की तरह वार्ड नंबर नौ स्थित गुरुद्वारे में गई। अरदास करने के बाद जब वह बाहर आई तो इसी दौरान अचानक ऊपर से गुजर रहा बिजली का तार टूटकर शिवानी के ऊपर आ गिरा,
जिससे उसे जोरदार करंट लगा। गुरुद्वारे में मौजूद श्रद्धालुओं ने शिवानी को तुरंत अस्पताल पहुुंचाया, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। शिवानी अपने मां-बाप की इकलौती बेटी थी। उसकी मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गुरुनानक नगर में मातम पसर गया।
अधिकारी जाग जाते तो नहीं होता हादसा
तार टूटने की घटना से लोगों में बिजली निगम के प्रति रोष फैल गया। कॉलोनी निवासी संदीप सिंह, हरपाल सिंह, पवन कुमार और निरंजन सिंह आदि ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारी ढीले पड़े तारों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे।
अगर ध्यान दिया होता तो यह हादसा नहीं होता। लोगों ने कहा कि यदि कुंडी कनेक्शन की वजह से तार टूट रहे हैं तो प्रशासन इन्हें हटाने के लिए अभियान क्यों नहीं चलाता। रविवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करके उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
बच गए लापरवाह अधिकारी!
रानियां थाना कार्यवाहक प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुलजारी लाल ने बताया कि मृतक के परिजनों ने बयानों में किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने उनके बयानों के आधार पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
कुंडी के कारण ढीले पड़े तार
गुरुनानक नगर में लोग बिजली के तारों में कुड़ी लगाते हैं, जिससे तारों में स्पार्किंग होती है। तारें स्पार्किंग होने के कारण कमजोर हो जाते हैं इसलिए वह टूटकर नीचे गिरा। बिजली कर्मचारी कभी तारों को ढीला नहीं छोड़ते। अब कमजोर और लटकने वाली सभी तारों को बदल दिया जाएगा।
कटार सिंह, एसडीई, बिजली निगम, रानियां