हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। जिला किशोर न्याय बोर्ड ने विभिन्न आपराधिक मामलों में दोषी सैकड़ों नाबालिगों की जिंदगी बदलकर रख दी है। वर्ष 2022 में जनवरी से लेकर अप्रैल तक बोर्ड ने चोरी, दुष्कर्म व झगड़ा करने के मामलों में 35 आरोपियों को दोषी करार देकर उन्हें सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया।
दोषी करार किशोरों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्यों को समझने के लिए एक से तीन वर्ष तक सामुदायिक सेवा करनी होगी। ये किशोर नागरिक अस्पताल और गांवों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बागवानी, पानी पिलाने और सफाई करने का काम कर रहे हैं। इनके अच्छे आचरण की निगरानी परिवीक्षा अधिकारी मोनिका चौधरी करती हैं।
सामुदायिक सेवा शुरू करने के बाद करीब पांच किशोर ने पढ़ने की इच्छा जाहिर की, तो किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी आशुतोष ने इनका दाखिला स्कूल में करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद ये किशोर सामुदायिक सेवा के साथ-साथ पढ़ाई भी करने लगे हैं। इसके अलावा किशोर न्याय बोर्ड द्वारा नशे के आदी कई किशोर का नशा मुक्ति केंद्र में उपचार भी करवाया जा रहा है।
पिछले दो वर्षों में 30 किशोर उपचार के बाद नशे से मुक्ति मिल गई। पिछले तीन वर्षों में दोषी करार दिए गए सैकड़ों किशोर सामुदायिक सेवा करने के बाद अपराध का रास्ता छोड़ चुके हैं। संवाद
दो से तीन माह में हो रहा फैसला
किसी किशोर से अपराध हो जाता है तो उसके मामले का निपटारा चार माह तक में करना जरूरी होता है। सिरसा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट आशुतोष तेजी के साथ मामलों का निपटारा कर रहे हैं। दो से तीन माह में ही उनके द्वारा अधिकांश मामलों का निपटारा किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में करीब 100 से ज्यादा किशोर सामुदायिक सेवा करने के बाद अपराध का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।
रोड़ी का किशोर हुआ सम्मानित
वहीं, न्याय किशोर बोर्ड द्वारा अच्छी सामुदायिक सेवा कर रहे किशोर का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उसे सम्मानित किया जा रहा है। रोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामुदायिक सेवा कर रहे एक किशोर को अच्छे आचरण व काम के लिए गत दिनों सम्मानित किया गया। न्याय किशोर बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी आशुतोष ने किशोर को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित कर हौसला बढ़ाया।
नहीं सुधरने पर कई पहुंचे जेल
सामुदायिक सेवा के दौरान जिस किशोर में कोई सुधार नहीं आता, तो उसे बाल सुधार गृह (जेल) में भेज दिया जाता है। इसमें अधिकतम सजा की अवधि तीन साल तक होती है। किशोर बोर्ड परिवीक्षा अधिकारी की सामाजिक जांच रिपोर्ट के बाद ये फैसला लेता है।
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने चार माह में विभिन्न आपराधिक मामलों में 35 किशोर को दोषी करार देकर सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है। सामान्य अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ये किशोर बागवानी़े से लेकर पानी पिलाने व सफाई करने का काम कर रहे हैं। किशोर को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने हेतु उनसे सामुदायिक सेवा करवाई जाती है। इनपर हमेशा निगरानी रखी जाती है और इसकी रिपोर्ट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट को दी जाती है।
----मोनिका चौधरी, जिला परिवीक्षा अधिकारी सिरसा।
कोर्ट रूम। फाइल फोटो- फोटो : Sirsa