संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव पीपली में महिला अमृतपाल कौर की हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पति-पत्नी व पुत्र समेत छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 1.50-1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इसके अलावा, मृतक की नाबालिग बेटी को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। इस मामले में कालांवाली थाना पुलिस ने अप्रैल 2022 में प्राथमिकी दर्ज की थी।
मामले के अनुसार 29 अप्रैल 2022 को गांव पीपली में महिला अमृतपाल कौर की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। अमृतपाल की 14 वर्षीय बेटी ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह 10वीं कक्षा में पढ़ती है। अपनी मां के साथ रहती थी। उसके माता-पिता का करीब 11-12 वर्ष पहले तलाक हो गया था।
इसके बाद वह अपनी मां के साथ पीपली में रह रही थी। उसकी मां की बहन रानी कौर का मकान उनके घर के सामने है। रानी कौर और उसके परिवार के लोग उनके मकान पर कब्जा करना चाहते थे। वे उसकी मां पर घर छोड़ने का दबाव बनाते थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले भी विवाद हुआ था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
आरोपी उसकी मां पर मामला वापस लेने का दबाव भी बना रहे थे लेकिन उसने ऐसा करने से इन्कार कर दिया था। पुलिस को दिए बयान में अमृतपाल की बेटी ने आगे बताया था कि 29 अप्रैल 2022 को उसकी मां पड़ोस के घर से लौट रही थी।
घर के गेट के पास रानी कौर, उसका पति पप्पू, पुत्र जसविंद्र सिंह उर्फ निक्का सिंह, पप्पू के साले राजू सिंह, लवदीप सिंह व पड़ोसी सुरेंद्र सिंह ने उस तलवार, कुल्हाड़ी व पिस्तौल से हमला कर दिया और उसकी गर्दन काट डाली।
वह घर से बाहर आई तो उक्त सभी हमलावर मौके से भाग निकले। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अमित मेहता ने कोर्ट से आरोपियों को दोषी करार देकर कड़ी सजा देने का अनुरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने सभी छह आरोपियों को अमृतपाल कौर की हत्या का दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुना दी।