संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। चोपटा क्षेत्र से गुजर रही बरवाली नहर में डूबते 12 वर्षीय बच्चे को बचाकर राजकीय बहुतकनीकी संस्थान चोपटा के लाइब्रेरियन संदीप कुमार सहारण ने साहस और मानवता की मिसाल पेश की। उनकी सूझबूझ और बहादुरी से बच्चे की जान बच गई।
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में चालक के पद पर कार्यरत सुशील कुमार ने बताया कि वह सोमवार शाम करीब चार बजे लाइब्रेरियन संदीप कुमार सहारण के साथ संस्थान से चोपटा की ओर आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बरवाली नहर में एक बच्चे को डूबते हुए देखा। संदीप कुमार ने बिना देर किए नहर में छलांग लगा दी और बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने 12 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित नहर से बाहर निकाल लिया। बाद में बच्चे को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। बच्चे की पहचान हनी पुत्र मनोहर लाल निवासी चोपटा के रूप में हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, चोपटा क्षेत्र में नाथ समुदाय के कई परिवार रहते हैं। अक्सर बच्चे नहर में नहाने चले जाते हैं। इसी दौरान यह बच्चा भी नहर में चला गया और पानी के तेज बहाव में फंस गया होगा। घटना के बाद बच्चे के परिजन और ग्रामीणों ने संदीप कुमार सहारण की बहादुरी की सराहना की। नाथ समुदाय के राकेश नाथ, सन्नी नाथ, अजय कुमार और अनिल नाथ सहित अन्य लोगों ने उनका आभार जताया।