सीएम के नागरिक अस्पताल पहुंचने की सूचना पर काले झंडे लेकर पहुंच थे, पुलिस ने बल प्रयोग किया
लाठीचार्ज : विरोध में पांच घंटे तक सदर थाने के गेट पर धरने पर बैठे किसान
फोटो : 17 से 20 व 27 से 29
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी है। वहीं भाजपा-जजपा नेताओं के बहिष्कार के फैसले पर रविवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना पर किसान नागरिक अस्पताल के बाहर पहुंच गए। इस दौरान किसानों ने काले और किसान एकता के झंडे लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने हलका लाठीबल प्रयोग कर किसानों को वहां से हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ किसान भाग निकले। वहीं करीब 20 किसानों को पुलिस हिरासत में लेकर बस से सदर थाने ले गए। इसके विरोध में किसानों ने करीब 5 घंटे तक सदर थाने के गेट पर धरना दिया। धरना देर शाम करीब साढ़े सात बजे खत्म किया।
वहीं दूसरी तरफ शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में लगे पक्का मोर्चा के किसान डेढ़ बजे मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए काले झंडे लेकर रवाना होने लगे तो पुलिस ने उन्हें बाबा भूमण शाह चौक पर रोक लिया। सिविल थाना प्रभारी इंस्पेेक्टर जितेंद्र व प्रदीप कुमार किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा समेत अन्य किसानों को रोकते रहे। लेकिन किसान मुख्यमंत्री से मिलने की बात करते रहे और मांग पत्र सौंपने की जिद्द पर अड़े रहे।
किसान नेता प्रहलाद सिंह ने कहा कि हम भी तो आम आदमी हैं। हम मुख्यमंत्री का विरोध नहीं करेंगे आप हमें उनसे मिलवा दो। पुलिस की ओर से किसानों के कुछ साथियों को सदर थाना के पास रोकने की सूचना पर किसान सदर थाना की तरफ जाने का प्रयास करते रहे लेकिन पुलिस ने किसानों को गाड़ी में सवार नहीं होने दिया तो किसान पैदल ही सदर थाना की तरफ दौड़ पड़े।
सीएम के घेराव की सूचना मिलने पर पुलिस ने किसान नेता लखविंद्र सिंह ओलख, मैक्स साहुवाला और भूपेंद्र सिंह को पहले ही हिरासत में ले लिया। जिसके पश्चात अन्य किसान नेताओं को नागरिक अस्पताल से पुलिस ने बस में बैठा लिया। किसानों पर लाठीचार्ज करने और हिरासत में लेने पर किसानों ने सदर थाना के समक्ष धरना दिया। किसान करीब छह घंटे तक सदर थाने के समक्ष दरी बिछाकर धरना देकर बैठे रहे। हालांकि पुलिस अधिकारी किसानों को समझाते रहे।
सदर थाना के बाहर आपस में उलझे किसान
किसानों के सदर थाना के समक्ष पहुंचने के बाद कुछ किसानों की आपस में ही कहासुनी हो गई। इसके बाद अन्य किसानों ने मामले को सुलझाया और मंत्री का विरोध करने का प्रयास करने की बात कही।
नागरिक अस्पताल से पुलिस की बस में किसानों को लेकर सदर थाना में पहुंचाया था और यहां से छोड़ दिया गया है। किसी भी किसान पर कार्रवाई नहीं की गई है। धरने देने मामले में किसानों से बातचीत चल रही है। किसानों को समाया जा रहा है। - आर्यन चौधरी, डीएसपी, सिरसा