चोपटा। नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय न होने से दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से राजस्थान और ऐलनाबाद क्षेत्र से आने-जाने वाले लोग चोपटा के मुख्य इलाकों से गुजरते हैं, जिनमें सालासर बालाजी और खाटू श्याम जाने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं।
क्षेत्र में शौचालय की गंभीर कमी है, जिससे महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पुरुषों और बुजुर्गों को खुले में शौच जाने पर मजबूर होना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। व्यापारियों की मांग है कि चोपटा की चार मुख्य सड़कों सिरसा रोड, भट्टू रोड, भादरा रोड और नोहर रोड पर 700 से ज्यादा दुकानें हैं।
उनकी मांग है कि यहां सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएं, ताकि दुकानदारों और यात्रियों को इस समस्या से राहत मिल सके। वर्षों पहले, नोहर रोड पर एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया था, लेकिन उसकी देखभाल न होने के कारण एक साल बाद ही वह बंद कर दिया गया। इसके बावजूद, प्रशासन इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में निराशा का माहौल है।
कोट्स नाथूसरी चोपटा में लोगों का आवागमन लगातार बना रहता है। यहां पर सार्वजनिक शौचालय की सबसे ज्यादा जरूरत है। शौचालय बनाने के साथ साथ प्रशासन कर्मचारी की व्यवस्था भी करें, ताकि शौचालय बेहतर बना रहे। शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। - राय सिंह कलावत, दुकानदार, चोपटा।
चोपटा में सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण जगह-जगह पर लोग खुले में शौच करते हुए नजर आते हैं। सिरसा रोड, भट्टू रोड, भादरा रोड, नोहर रोड पर काफी दूर-दूर तक दुकानें व कई प्रतिष्ठान खुले हुए हैं। यहां सार्वजनिक शौचालय नहीं है, जिससे बच्चों, महिलाओं व पुरुषों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। हमारी मांग है कि चारों मार्गों पर शौचालयों की व्यवस्था की जाए ताकि आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। - सुरेश कुम्हारिया, स्थानीय निवासी, चोपटा।
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चोपटा में सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था की जानी बहुत जरूरी है। यहां करीब 700 से अधिक दुकानें हैं और 52 गांवों के लोग आते जाते रहते हैं। सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती है। चोपटा में जल्द ही सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था की जानी चाहिए व इसकी साफ-सफाई के लिए कर्मचारी की भी नियुक्ति की होनी चाहिए । - सुरेश शर्मा, शिक्षक, चोपटा।
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सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरों में तो शौचालयों का निर्माण करवाया जा रहा है। लेकिन नाथूसरी चोपटा में सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण दुकानदार, राहगीर व आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शौचालय न होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्राम पंचायत व जिला प्रशासन को शौचालयों की व्यवस्था करनी चाहिए । - पवन भड़िया, दुकानदार, चोपटा।