सिरसा। रोडवेज बेड़े में बीते तीन वर्षों में 32 बसें जर्जर हो चुकी हैं, लेकिन इस दौरान कोई भी नई बस रोडवेज बेड़े में शामिल नहीं हुई है। इसके कारण जिले के करीब 20 ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी होने से विद्यार्थियों और यात्रियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अधिकारियों की ओर से लंबे समय से बसों की मांग मुख्यालय में भेजी गई, लेकिन अभी तक नई बसों के डिपो में पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं है।
सिरसा डिपो और डबवाली सब डिपो में रोडवेज के बेड़े में कुल 168 बसें है। जबकि विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ही जिले में 250 बसों की आवश्यकता है। बसों की कमी होने के कारण रोडवेज की ओर से ग्रामीण रूटों पर कम बसों का संचालन किया जा रहा है। इस कारण यात्रियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें बस में लटक कर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बसों की समस्या को लेकर विद्यार्थियों की ओर से बीते दिनों बस को रोक कर रोष भी प्रकट किया गया था। इसके बाद अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त बस को उस रूट पर रवाना किया गया है।
इन रूटों पर रहती है सबसे अधिक भीड़
जिले के लंबे और ग्रामीण 122 रूटों पर बसों का संचालन किया जाता है। इनमें से ग्रामीण रूट के कुताना, कागदाना, कालांवाली, बालासर, रानियां, खारियां, जोधपुरिया, पंजुआना, भादड़ा, नाथूसरी चोपटा, ममड़, मत्तूवाला, डिंग मंडी, ऐलनाबाद, रंगड़ी, बकरियांवाली सहित अन्य कई रूटों पर विद्यार्थियों को बस न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन रूटों पर विद्यार्थी बसों की छतों और लटक कर सफर करने को मजबूर होते हैं।
कालांवाली में अतिरिक्त बसों को किया रवाना
कालांवाली रूट पर विद्यार्थियों की भीड़ अधिक होने के कारण विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ता है। इसके चलते बीते दो दिनों से विद्यार्थियों की ओर से बस को रोक कर रोष प्रकट किया जा रहा था। जिसके बाद शनिवार को रोडवेज महाप्रबंधक की ओर से कालांवाली रूट पर अतिरिक्त बस को रवाना किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को पहले के मुकाबले कुछ राहत मिली है। हालांकि बसों की कमी होने के कारण अन्य रूट भी प्रभावित हो रहे हैं।
रोडवेज बेड़े में बसों की कमी होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। कालांवाली रूट पर अतिरिक्त बसों का रवाना किया गया है। जिससे विद्यार्थियों को कुछ राहत मिली है।- सुधीर कुमार, बस स्टैंड इंचार्ज, सिरसा।