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अपने ही निकले लैबोरेटरी संचालक के कातिल

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 लैबोरेटरी संचालक राजकुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक के बडे़ भाई, उसकी पत्नी और मां को काबू कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर की है। पुलिस के अनुसार हत्या संपत्ति के विवाद में की गई है। राजकुमार करोड़ों की जायदाद का मालिक था। हालांकि पुलिस ने ज्यादा कुछ बताने से इंकार कर दिया और कहा कि अभी आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं।
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 इससे पहले पुलिस ने राजकुमार की इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की थी। इससे गुस्साए मृतक के सैकड़ों दोस्त मंगलवार को लामबंद हो गए। राजकुमार के दोस्तों ने बरनाला रोड पर अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दी और खैरपुर पुलिस चौकी का घेराव कर दिया। सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी मौजीराम पुलिस चौकी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों  को शांत करके उनसे बातचीत की। मृतक के दोस्तों ने एसएचओ को राजकुमार की मौत के संबंध में एक से बढ़कर महत्वपूर्ण जानकारी दी। मामले के जांच करता अधिकारी भी इन खास बातों से अनजान थे। इसी दौरान मृतक के ससुराल वाले पुलिस चौकी आ गए। थाना प्रभारी ने उनसे बात की और दोपहर सवा 12 बजे मृतक राजकुमार के घर की ओर रवाना हो गए।

 यहां कई अहम सबूत जुटाए और मृतक राजकुमार के बडे़ भाई श्रीराम, उसकी पत्नी रानी देवी और मां चंपा को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मृतका की पत्नी के बयानों के आधार पर तीनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
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दोस्तों ने दिलवाया इंसाफ
राजकुमार की मौत के मामले में इंसाफ दिलाने में उसके दोस्तों का अहम योगदान रहा। मौके पर सुनील शर्मा, श्रवण रंगा, कुलदीप, सोनू मलिक, रोहित गनेरीवाला, राजबीर, सतपाल, बोबी, संदीप, भगवान, शिव कुमार, कालू, विनय गुप्ता, मुकेश कुमार, विक्की, फौजी भादू, अशोक,दीपक, बरनाला रोड सभी दुकानदार मौजूद थे।

 इनेलो पार्षद कृष्ण गुंबर भी राजकुमार को न्याय दिलाने के लिए चौकी का घेराव करने पहुंचे युवाओं के साथ हो लिए और पुलिस पर उचित कार्रवाई करने का दबाव बनाया। मृतक राजकुमार के दोस्त जितेंद्र ने एचएचओ मौजी राम को बताया कि 30 मई की रात नौ बजे राजकुमार लैब बंद करके बाइक पर सवार होकर घर गया था।

 एक मई को सुबह श्रीराम ने पांच मिनट के लिए लैब खोली थी। सुबह करीब साढे़ दस बजे उसको पता चला की राजकुमार की मौत हो चुकी है। भाई की मौत का तनिक भी गम श्रीराम के चेहरे पर नहीं दिखाई दिया।

गुपचुप अंतिम संस्कार करने वाले थे
राजकुमार की मौत शनिवार रात को ही हो गई थी। उसका बड़ा भाई श्रीराम, मां चंपा और एक प्रोफेसर, जो इस परिवार के बेहद करीब बताया जाता है, उक्त सभी राजकुमार के शव का गुपचुप अंतिम संस्कार करने की फिराक में थे।

वारदात के बाद मिटाए गए सबूत
राजकुमार के दोस्त अशोक ने थाना प्रभारी को बताया कि घटना की सुबह वह राजकुमार के घर गया तो कमरे में बाल्टी में खून भरा पानी पड़ा था। उसकी मां ने उसे अंदर आने से रोका। राजकुमार की मां फर्श साफ करने में जुट गई और कमरे में झाडू़ निकालनी शुरू कर दी। उसकी मां ने प्रोफेसर से कहा कि इसका जल्दी से संस्कार करवा दो।

ससुरालवालों ने दी पुलिस को सूचना
इसी दौरान मृतक के ससुराल वाले वहां पहुंच गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। अगर ससुराल वाले समय पर नहीं पहुंचते तो शव को सीधा श्मशान घाट ले जाने की पूरी तैयारी थी।

मां ने जला दिए बेटे के खून से सने कपड़े
संतोष रानी ने जांच अधिकारी को बताया कि उसके पति के खून से कपड़ों को उसकी सास ने चूल्हे में जला डाला। हर सबूत मिटाने के लिए पूरा प्रयास किया। फर्श पानी से साफ किया और झाडू़ लगा दी। यहां तक जिस पलंग पर राजकुमार की मौत हुई, उस पर भी नया कपड़ा चढ़ा दिया। पुलिस ने मौके पर जाकर पलंग से कपड़ा उतरवाया और खून से सनी पलंग की निवाड़ को अपने कब्जे में ले लिया।

दोस्तों ने करवाया संस्कार
राजकुमार के दोस्त अशोक ने बताया कि पोस्टमार्टम होने बाद राजकुमार के शव को प्रोफेसर और बड़ा भाई श्रीराम अस्पताल से ही सीधा श्मशान घाट ले जाने लगे। इस पर दोस्तों ने एतराज जताया कि अंतिम संस्कार पूरे विधिविधान से होना चाहिए। घरवालों ने तो अर्थी का सामान तक नहीं मंगवाया था। सभी दोस्तों ने राजकुमार के शव का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया।

जो मारता है उसे दुख नहीं होता : एचएचओ
मृतक के घरवालों में सिवाय पत्नी को छोड़कर एक भी शख्स गमगीन नहीं दिखा। राजकुमार के दोस्तों से जारी जानकारी जुटाने के बाद शहर थाना प्रभारी मौजीराम ने कहा कि जो मारेगा उसे कभी दुख नहीं होता है। मृतक के दोस्तों ने पुलिस जांच में सहयोग किया है। अब देखना ये है कि जो दोषी हो, वह बच नहीं पाए।

‘सास, जेठ और जेठानी ने मारा मेरे पति को’
खैरपुर चौकी प्रभारी और इस मामले में जांच अधिकारी एसआई रामकुमार ने बताया कि मृतक राजकुमार की पत्नी संतोष रानी की अपने बयानों में बताया कि 29 मई को उसके ससुराल वालों ने उसे धक्के से अपने मायके हिसार भेज दिया। शनिवार को संतोष ने अपनी सास चंपा देवी से बातचीत करके सभी का हालचाल जाना।

सास चंपा ने उसे कहा कि सब कुछ ठीक है। उसके बाद रविवार सुबह सास का उसके पास फोन आया कि राजकुमार को चोट लगी है। संतोष अपने पिता विक्रम के साथ ससुराल पहुंची तो पति को मृत हालत में पाया। सास चंपा, जेठ श्रीराम और जेठानी रानी ने उससे कहा कि शव का पोस्टमार्टम करवाने से क्या होगा, सीधा श्मशान में ले जाकर संस्कार कर देते हैं।  

मां व बडे़ भाई ने की थी हत्या : पुलिस
जांच अधिकारी एसआई रामकुमार ने बताया कि पुलिस ने राजकुमार की हत्या करने के आरोप में उसकी मां चंपा देवी, बडे़ भाई श्रीराम और भाभी रानी देवी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। उक्त तीनों ने राजकुमार को मौत के घाट उतारा है। अब तक की जांच में यही बात सामने आई है कि हत्या का मुख्य कारण संपत्ति है। इस हत्याकांड में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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