सिरसा के गांव चक्कां की किरण मेले के दौरान अपनी स्टाॅल लगाए हुए व ड्रेसेज देखते हुए ग्राहक। संव
सिरसा। रानियां क्षेत्र के गांव चक्कां की किरण ने सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की मिसाल पेश की है। पिछले दो वर्षों से किरण अपने घर पर गुजराती ड्रेस और सूट तैयार कर रही हैं। उनका काम अब गांव से निकलकर पूरे जिले में पहचान बना चुका है।
किरण ने सिलाई और ड्रेसेज बनाने की कला किसी बड़े संस्थान से नहीं, बल्कि यूट्यूब के माध्यम से सीखी। शुरुआती दौर में उन्होंने मोबाइल पर वीडियो देखकर डिजाइन समझी और लगातार अभ्यास से अपने हुनर को निखारा। आज वह पारंपरिक परिधानों को आकर्षक डिजाइन और बेहतरीन फिनिश के साथ तैयार कर रही हैं। अपने घर के एक हिस्से में छोटी दुकान भी खोल रखी है, जहां ग्राहक उनके बनाए कपड़े देख सकते हैं और ऑर्डर दे सकते हैं। घर पर काम करने से उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ रोजगार का अवसर भी मिल रहा है। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।
त्योहारी और शादी-विवाह के सीजन में उनकी ड्रेसेज की मांग काफी बढ़ जाती है। नवरात्रि, विवाह समारोह और पारंपरिक आयोजनों में ग्राहक उनकी डिजाइन, कारीगरी और समय पर काम पूरा करने की सराहना करते हैं। किरण की पूरी तैयार गुजराती ड्रेसेज 1,800 से 3,000 रुपये तक मिलती हैं, जबकि सिलाई का चार्ज 1,000 रुपये है। उचित कीमत और बेहतर गुणवत्ता के कारण उनका काम लगातार बढ़ रहा है। आसपास के गांवों और शहर से भी महिलाएं ऑर्डर देने आती हैं।