सिरसा। श्री रामा क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित 77वीं श्री रामलीला के छठे दिन शुक्रवार रात भरत का कैकेयी और मंथरा के प्रति आक्रोश, राजा दशरथ के प्राण त्यागने और भगवान राम, सीता व लक्ष्मण के गंगा पार जाने के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। केवट संवाद ने दर्शकों का मन मोह लिया। रामलीला देखने के लिए देर रात तक बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े।
मंचन में दिखाया गया कि रघुकुल की मर्यादा निभाने के लिए भगवान राम पिता दशरथ के वचन का सम्मान करते हुए माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वनवास के लिए निकल पड़ते हैं। मंत्री सुमंत से पुत्र के वन जाने का समाचार सुनकर राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं।
ननिहाल में रह रहे भरत और शत्रुघ्न को अयोध्या में अनिष्ट होने का आभास होता है। लौटने पर पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर दोनों शोक में डूब जाते हैं। भरत कैकेयी और दासी मंथरा को खरी-खरी सुनाते हुए उनके फैसले पर नाराजगी जताते हैं। इन दृश्यों को विशेष लाइट इफेक्ट से जीवंत बनाया गया।
इसके बाद गंगा तट पर भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की केवट से भेंट का मंचन हुआ। केवट भगवान राम के चरण पखारकर उस जल को ग्रहण करता है और तीनों को नाव से गंगा पार कराता है। सीता द्वारा उतराई में अंगूठी देने की पेशकश पर केवट मना कर देता है। वह कहता है कि समान कार्य करने वाले आपस में कुछ नहीं लेते। उसने प्रभु को गंगा पार कराया है और जब वह भवसागर पहुंचेगा तो प्रभु उसे भी पार लगा दें।
राम की भूमिका ऋषभ गाबा, सीता की सिया गाबा, लक्ष्मण की गौरव मेहता, भरत की रवि भारती, शत्रुघ्न की सौरभ मेहता और दशरथ की अमित मिढ़ा ने निभाई। केवट परिवार के पात्रों में प्रेम मेहता, मिंटू कालड़ा, प्रवेश कंबोज, ओम प्रकाश चावला, पुष्पेंद्र खट्टर, पवन मेहता, यशपाल मेहता और राकेश भाटिया ने प्रस्तुति दी।
20 को निकलेगी शोभायात्रा :
श्री रामा क्लब के प्रधान अश्वनी बठला और महासचिव गुलशन बधवा ने बताया कि दशहरा महोत्सव के तहत 20 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जनता भवन रोड स्थित रामलीला ग्राउंड से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए सावन पब्लिक स्कूल के पास बने दशहरा ग्राउंड पहुंचेगी। सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया मुख्य अतिथि होंगे। शाम को दशहरा ग्राउंड में रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा।