सिरसा। राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को 6वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि आईक्यूएसी निदेशक डॉ. राजकुमार ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान 100 मीटर दौड़ में खुशप्रीत कौर ने प्रथम स्थान हासिल किया।
प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह की अध्यक्षता व खेल प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ गत वर्ष की सर्वश्रेष्ठ छात्रा अनिता की ओर से खिलाड़ियों को सत्यनिष्ठा व सच्ची खेल भावना से भाग लेने की शपथ दिलवाकर किया गया। इसके बाद उपरांत छात्राओं ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत कर मंच पर विराजमान अतिथियों को सलामी दी।
कार्यक्रम में बाहर से आए प्राचार्य प्रो. हरजिंदर सिंह, डॉ. सज्जन कुमार, पूर्व प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रदीप सहित महाविद्यालय का पूरा शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा। प्रो. विजय कुमार ने कहा कि आज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ बेटों को आदर्श बनाओ का संदेश भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पढ़ाई के साथ खेलकूद जीवन का आवश्यक हिस्सा है, जो विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना को विकसित करता है।
उन्होंने छात्राओं को आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज व देश का नाम रोशन करें। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह ने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में टीम भावना, ईमानदारी और निष्पक्षता के गुण विकसित करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों की मेहनत और जोश की सराहना की।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में लिया हिस्सा
खेल प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार ने वार्षिक खेल रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता में कुल 9 खेलों का आयोजन किया गया। इनमें 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, रस्साकशी और लेमन रेस शामिल थीं। 100 मीटर दौड़ में खुशप्रीत कौर प्रथम, रीतू द्वितीय और मैना तृतीय रहीं। 200 मीटर में सीमा ने प्रथम, अनिता ने द्वितीय और अर्शप्रीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लंबी कूद, ऊंची कूद और गोला फेंक में सीमा रानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रदीप कुमार ने सभी अतिथियों, निर्णायकों और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।