सिरसा। गांव कुम्हारिया और खेड़ी के बीच वीरवार देर शाम को खेतों में खेड़ी माइनर नहर में दरार आ गई। किसान राज कुमार व नेत राम के खेत से होकर गुजर रही नहर अचानक टूट गई, जिससे किसानों की करीब 10 एकड़ में फसल जलमग्न हो गई। नई बिजाई की हुई गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान हुआ है।
किसान नेत राम का ट्यूबवेल का कुआं में पानी भर गया। किसानों का कहना है की बड़ी मुश्किल से बिजाई की थी अब दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। इससे खर्चा दो गुना हो गया। ग्रामीण बिल्लू बेनीवाल, सुनील कुमार और राज कुमार ने बताया कि नहर टूटने से राज कुमार की चार एकड़ में गेहूं की फसल, सुनील कुमार की तीन एकड़ में सरसों की फसल, पृथ्वी सिंह की तीन एकड़ में सरसों की फसल, नेत राम का ट्यूबवेल पानी भरने से खराब हो गया। उन्होंने बताया कि जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ, ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
जेसीबी की मदद से चार घंटे में बंद की गई दरार
नहर में लीकेज की स्थिति को देखते हुए बेलदार ने मौके पर ही कार्य शुरू करवाया। जेसीबी मशीन की सहायता से नहर की दरार को भरने का कार्य शुरू किया गया, जो करीब चार घंटे की मेहनत के बाद पूरा हुआ। किसानों ने बताया कि खेड़ी माइनर नहर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है, जिससे इसकी चौड़ाई कम है और पानी का दबाव भी कम होता है। इसी कारण नहर में आई दरार को समय रहते कंट्रोल किया जा सका।