रानियां। क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया। इससे लोगों का आवागमन तो प्रभावित हुआ ही उसके साथ फसलों का भी काफी नुकसान हुआ है। खंड के ज्यादातर गांव के जोहड़, तालाब और रिचार्ज बोरवेल पानी से भर गए हैं। वहीं, मंगलवार को भी कहीं-कहीं बारिश हुई है, जिससे जलभराव की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
खेतों में नरमा व कपास की फसल अत्यधिक पानी की वजह से जमीन पर चिपक गई। वहीं, मूंग, मोठ, ग्वार, बाजरे व मूंगफली की पक्की हुई फसलें बारिश से गलने लगी हैं। ऐसे में किसानों का कहना है कि इस सभी फसलें फूल व फल बनाने में लगी हैं। इस समय फसलों को सूखे मौसम की अत्यधिक जरूरत है।
एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश से नरमा व कपास के टिंडे गलने लगे हैं और धान ग्वार, ज्वार, बाजरे, मूंग की फसलें भी बर्बाद हो रही है। इसकी वजह से किसान परिवारों को काफी बड़ा नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि अगर अगले कुछ दिन मौसम ऐसा ही रहा तो नरमा व कपास की फसलें भी पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगी। ऐसे मौसम में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है तो वहीं हर व्यक्ति व गृहणियों के दैनिक कार्यों में काफी बाधा आ रही है।
परेशानी लोगों की जुबानी
15 अगस्त के बाद खरीफ की फसलों को हल्की बारिश की जरूरत होती है। जबकि इस बार पिछले 10 दिनों से जोरदार बारिश हो रही है। सभी खेत पानी से भरे हुए हैं। जमीन पर अत्यधिक पानी व मौसम में नमी से फसलों में फंगस, सड़न व अन्य बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ेगा। -
जगराज सिंह, किसान, गांव दमदमा।
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क्षेत्र में बार-बार बारिश से नरमा कपास ग्वार बाजरे वह मूंग की फसल जमीन पर बिक गई है फसलों में लगे टिंडे वे फलियां पूरी तरह गलनी शुरू हो गईं। सभी फसलों के पकने का समय चल रहा है और इस समय बार-बार बरसात होने से कर्जदार होते जा रहे हैं।
- नवतेज सिंह, किसान, गांव बणी।
अत्यधिक बारिश की चलते पशुओं के लिए सूखे हुए हरे चारे की बड़ी समस्या पैदा हो रही है। पूरे दिन बारिश होने से दुधारू पशुओं के बैठने आराम करने व शारीरिक उपचारों में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे दूध की मात्रा कम हुई है और पशुपालकों को बड़ा नुकसान हो रहा है।
- पार्वती देवी, गृहिणी, गांव चक्कां।
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सुबह शाम हो रही बारिश के चलते महिलाओं को भोजन बनाने के लिए सूखी लकड़ियों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ महिलाओं को घरों व कपड़ों की साफ सफाई कार्य, बच्चों का बुजुर्गों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
- सुनीता देवी, गृहिणी, गांव चक्कां।