सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से मिला व्यवसाय विस्तार का संबल, 40 लाख रुपये तक पहुंचा वार्षिक कारोबार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यमों को आगे बढ़ने के अवसर दे रही है। मंडी डबवाली निवासी कमल कांत ने इस योजना का लाभ उठाया। उन्होंने ऑर्गेनिक नेचुरल एग्रो के नाम से अपना व्यवसाय स्थापित किया है। लकड़ी के कोल्हू से तैयार प्राकृतिक तेलों के माध्यम से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।
कमल कांत ने बताया कि उन्होंने लकड़ी के कोल्हू से कोल्ड प्रेस्ड तेल निकालने का कार्य शुरू किया था। व्यवसाय विस्तार के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से वित्तीय सहायता और बैंक ऋण लिया। उन्हें करीब 12 लाख रुपये की सहायता मिली।
इससे उन्होंने उत्पादन और विपणन की सुविधाओं को मजबूत किया। ऑर्गेनिक नेचुरल एग्रो में तेल को अत्यधिक गर्म नहीं किया जाता है। इससे तेल के प्राकृतिक गुण बने रहते हैं। लकड़ी के कोल्हू की पारंपरिक पद्धति से ग्राहकों को उत्पाद पसंद आ रहे हैं।
रोजगार और कारोबार में वृद्धि
कमल कांत ने बताया कि उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में उनकी इकाई में 8 कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका उद्यम स्वयं के लिए आय का साधन बना है। यह अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बना है। उनके व्यवसाय का वार्षिक कारोबार लगभग 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
ऑनलाइन बिक्री से देशव्यापी पहुंच
कमल कांत के अनुसार, योजना के अंतर्गत उन्हें वित्तीय सहायता के साथ-साथ बिक्री और विपणन में भी सहयोग मिला। उनके उत्पादों की बिक्री अब ऑनलाइन माध्यम से हो रही है। ये उत्पाद देश के विभिन्न राज्यों और प्रमुख शहरों तक पहुंच रहे हैं। दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम सहित कई स्थानों पर उनके उत्पाद ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। ऑनलाइन बिक्री बढ़ने से उनके व्यवसाय का बाजार लगातार विस्तारित हुआ है। कमल कांत ने सफल व्यवसाय स्थापित करने में सरकार की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उद्यमियों को मिल रहा प्रोत्साहन
जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत डेयरी, बेकरी और फल-सब्जी प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों को लाभ दिया जा रहा है। खाद्य उत्पादों तथा अन्य खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जुड़े उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। योजना छोटे उद्यमियों को व्यवसाय स्थापित करने और विस्तार देने में सहायता करती है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, जिला केंद्र ने युवाओं और उद्यमियों से अपील की है। वे इस योजना का लाभ उठाकर खाद्य प्रसंस्करण में व्यवसाय शुरू या विस्तारित कर सकते हैं। पात्र उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 फीसदी, अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।