सिरसा। सीएम के आदेश पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया। सोमवार को अधिकारियों ने अपने कार्यालयों में जनता दरबार लगाया। पहले दिन हालांकि फरियादियों की संख्या कम रही। अब उम्मीद है कि समय सीमा निर्धारित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में आम जनता अपनी समस्याएं लेकर आएगी। पहले दिन उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने अपने-अपने कार्यालयों में 300 से ज्यादा शिकायतें सुनी। साथ ही उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कि वे भी अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें और जनता की समस्याएं सुने।
उपायुक्त कार्यालय : कर्मचारी करते रहे इंतजार, जनता की पहले सुनी समस्याएं
सीएम के आदेेश के तुरंत बाद उपायुक्त ने एक्शन लिया। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने अपने कार्यालय में सोमवार को जनता दरबार लगाया। इस दौरान विभिन्न फाइलें लेकर आने वाले अन्य विभागों के कर्मचारियों को बाहर ही रोक दिया गया। उनसे कहा गया कि पहले जनता की समस्याएं सुनी जाएंगी। इसके बाद ही कर्मचारी और अन्य अधिकारी उपायुक्त के पास जा सकते हैं। इस दौरान उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने एक-एक कर बाहर बैठे लोगों को बुलाया। उनकी समस्याएं सुनी और जिस भी विभाग से संबंधित थी, उन्हें समाधान के आदेश दिए। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि ये सुनिश्चित किया जाए कि उक्त आवेदनकर्ताओं की शिकायतों पर गंभीरता से काम हो रहा है या नहीं। इस दौरान उपायुक्त ने दोपहर लगभग पौने 2 बजे तक आम जनता की समस्याएं सुनी। इस अवधि में करीब 250 लोग उपायुक्त से मिले।
सभी अधिकारियों को उपायुक्त के आदेश : अपने कार्यालयों में रहें उपस्थित
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने जिला के सभी विभागाध्यक्षों को प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक आमजन सुनवाई के लिए कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों अनुसार अधिकारी इस दौरान कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजन की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों के अवकाश पर रहने या कोर्ट कार्य होने के चलते आमजन को असुविधा होती है। इसलिए सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रात: 11 से दोपहर एक बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहेंगे और लोगों की समस्याओं की सुनवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी अवकाश पर जाता है, तो उसकी पूर्व अनुमति लेते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारी की ड्यूटी जन सुनवाई के लिए लगाना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर त्वरित किया जाए। आमजन की सुनवाई में कोई कोताही न बरती जाए और इसे प्राथमिकता से लिया जाए।
एसपी ऑफिस : जनता दरबार में पुलिस अधीक्षक ने किया समस्याओं का समाधान
सोमवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने अपने कार्यालय में जनता दरबार लगाया। इस दौरान करीब 40 फरियादियों की शिकायतें सुनी। एसपी डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि आमजन की फरियाद सुनकर उन्हें शीघ्र अति शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस से संबंधित विभिन्न समस्याओं को सुना तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों तथा थाना प्रभारियों को तुरंत निवारण के निर्देश दिए। एसपी डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों तथा जिला के थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दे रखे है कि सर्वप्रथम सभी थाना प्रभारी हर रोज अपने- अपने थाना क्षेत्र के लोगों की फरियाद सुने तथा उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास करें। सभी थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश है कि अगर कोई समस्या बड़ी है तो तुरंत उनके संज्ञान में लाएं ताकि पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र न्याय दिलवाया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस एवं जनता एक दूसरे के पूरक है तथा आमजन के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार कर उनका सहयोग लेकर अपराध एवं अपराधियों पर कारगर ढंग से अंकुश लगाया जा सकता है।
नगर आयुक्त : बैठक में व्यस्त नजर आई डीएमसी, इंतजार करते रहे फरियादी
जनता दरबार प्रत्येक कार्यालय में लगाया जाना था। लेकिन नगर आयुक्त डॉ. किरण सिंह के कार्यालय में आए फरियादियों को इंतजार कर वापस लौटना पड़ा। कार्यालय के बाहर बैठे लोगों कमल कुमार, जीत राम, रमेश कुमार, बिमली रानी ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि नगर आयुक्त बैठक में व्यस्त हैं और उन्हें मिलने नहीं दिया गया। कार्यालय के बाहर तैनात सेवादार ने ये कहते हुए बाहर ही रोक दिया कि मैडम मीटिंग में व्यस्त हैं।