संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। गांव में गांव जमाल में पेयजल और नहरी पानी की कमी के चलते दो ग्रामीण पिछले सात दिनों से जलघर की टंकी पर चढ़े हुए हैं। ग्रामीण पुरुष व महिलाएं जलघर प्रांगण में धरना दे रहे हैं। शनिवार को उपायुक्त पार्थ गुप्ता गांव जमाल पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की 11 सदस्यीय कमेटी के साथ समस्या के समाधान को लेकर बैठक की। डीसी पार्थ गुप्ता और ग्रामीणों की वार्ता विफल रही। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक पूरा पानी नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं धरने पर गांव की सैकड़ों महिलाओं ने पहुंचकर समर्थन दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शनिवार को डीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम राजेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता आत्माराम भांभू और डीएसपी ने जल्दी समस्या समाधान का आश्वासन देकर धरना समाप्त करने व टंकी पर चढ़े हुए ग्रामीणों को नीचे उतरने की अपील की। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को कहा कि इस समय सिंचाई पानी की कमी के चलते सावनी की फसल खराब हो रही है । मौजूदा समय में किसानों को पानी की जरूरत है और वह पूरी नहीं हो पा रही है।
11 सदस्यीय कमेटी में शामिल जिला परिषद सदस्य नंदलाल बैनीवाल, सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश डूडी, रामजीलाल सिहाग, देवीलाल खिचड़, विजय बैनीवाल, रणजीत श्योराण, जगदीश बांदर, काशीराम, बलवीर सिंह, खानू और जगदीश चंद्र ने कहा कि कुतियाना माइनर, जमाल माइनर और मंगाला खरीफ चैनल में पूरा पानी नहीं आने के कारण उनके फैसले खराब हो रही है। इन समस्याओं के समाधान होने पर ही बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों ने बताया कि सिंचाई के अभाव में 15000 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल खराब होने की कगार पर है। अगर सरकार ने पूरा पानी नहीं दिया गया तो फसल का उत्पादन गिर जाएगा। जमाल के जलघर की डिग्गियां खाली पड़ी हैं। इससे पेयजल संकट गहराया हुआ है।
बता दें कि गांव जमाल में पानी की समस्या को लेकर गांव के दो ग्रामीण विकास कुमार और अशोक कुमार पिछले 7 दिन से जल घर की टंकी पर चढ़े हुए हैं और उन्हें बाल्टी पर रस्सी बांधकर खाने पीने का सामान पहुंचाया जा रहा है।