सिरसा। राजस्थान के सीकर निवासी व्यक्ति से सोनीपत पुलिस के कर्मचारियों द्वारा अपहरण करके 9 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में मंगलवार को जयपुर पुलिस ने सिरसा में आकर कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्थान की जयपुर पुलिस मंगलवार को सिरसा आई और बयान दर्ज किए।
मंगलवार को दोपहर के समय राजस्थान की जयपुर पुलिस की एक टीम सिरसा पहुंची। टीम में जयपुर के थाना प्रभारी सहित तीन अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। राजस्थान पुलिस की टीम पहले एसपी कार्यालय आई और अपनी हाजिरी दर्ज की। इसके बाद जिला जेल में जाकर आरोपी से पूछताछ की और बयान दर्ज किए । इसके बाद टीम वापस लौट गई।
बता दें कि शहर थाना पुलिस ने राजस्थान के एक व्यक्ति से 30 बिटकॉइन यानी करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला दर्ज किया था। आरोपी शहर पुलिस को भी वांछित था इसलिए शहर पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल भेज दिया था। शहर थाना पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज करते हुए जीरो एफआईआर जयपुर पुलिस को भेज दी थी।
ये है पूरा घटनाक्रम
सिरसा की शहर थाना पुलिस के हाथ करीब 9 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा घोषित अपराधी लगा। उसकी पहचान राजस्थान के सीकर जिले के नीम का थाना छावनी निवासी शशिकांत के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान शशिकांत ने पुलिस को चौंकाने वाले खुलासे किए।
उसने आरोप लगाया कि सोनीपत के दो पुलिस कर्मचारियों ने 22 जनवरी को जयपुर से उसका और उसके दोस्त गौरव का अपहरण कर लिया था। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें पीटा भी और दबाव बनाकर 30 बिटक्वाइन भी ट्रांसफर करवा लिए जिनकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये है।