जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान निर्दोष लोगों पर बनाए गए झूठे मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को चौथे दिन जाट धरने पर डटे रहे। बुधवार से दो लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। अब क्रमिक भूख हड़ताल पर रहेंगे। धरने पर बैठे जाटों ने सर छोटू राम जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी धरनास्थल के पास तैनात रहे। सुबह 10 से शाम चार बजे तक धरना जारी रहा।
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि जाट आंदोलन के दौरान जिन लोगों पर झूठे मुकदमे बनाए गए थे, उनको जब तक खारिज नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। धरना शांतिपूर्वक रहा। धरने पर बैठे लोगों की संख्या अधिक नहीं थी, लेकिन पुलिस बल की तैनाती रही। लोगों ने आंदोलन के दौरान बनाए गए झूठे मुकदमे खारिज करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की।
विकल पचार ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने समय-समय पर जाकर स्थिति की जायजा लिया। धरने की अध्यक्षता अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष शीशपाल झोरड़, सर्व जाट संघ के प्रधान विकल पचार और रणधीर सिंह जोधकां संयुक्त रूप से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मांगें पूरी न होने तक धरना सुबह 10 से शाम चार बजे तक जारी रहेगा।
इस अवसर पर सर्व जाट संघ के प्रधान विकल पचार, कृष्ण ढाका, कृष्ण झोरड़, प्रदीप सिंवर, विनोद ढाका, चिरंजी, ख्याली राम हंजीरा, धर्मवीर गोदारा, रविल सिंवर, विरेंद्र न्योल, प्रवेश सिंवर सहित अनेक लोग उपस्थित थे। विकल पचार ने कहा कि जब तक धरने चलेगा, तब तक जाट धर्मशाला को सेंट्रल प्वाइंट बनाया गया है, ताकि तमाम गतिविधियों के बारे में लोगों को यहां से जानकारी मिल सके। इसके अलावा एक व्यक्ति जाट धर्मशाला में हमेशा मौजूद रहेगा, ताकि गांवों से आने वालों को धरनास्थल और अन्य जानकारियां दे सकें।
आज जाट नेता शशी ढाका भी धरनास्थल पर पहुंचे और धरने पर बैठे जाटों को समर्थन दिया। पहले दिन राजेंद्र सिंह जोधकां और लादू राम जोधकां क्रमिक अनशन पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, चाहे इसके लिए एक साल लगे या चार साल। उन्होंने कहा कि सिरसा में आंदोलन अहिंसा के रास्ते पर जारी रहेगा।
पुलिसकर्मियों की संख्या की कम
जाट समुदाय के धरने से पूर्व ही धरनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। शाम को पांच बजे धरना समाप्त होने के बाद पुलिस के जवान वहां से रवाना हुए। धरने के दौरान एसडीएम परमजीत सिंह चहल, डीडीपीओ प्रीतपाल सिंह सहित अनेक अधिकारी दिनभर धरनास्थल पर पहुंचकर पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे।
धरने पर बैठने वाले जाटों की संख्या कम होने के कारण अब पुलिस ने भी जवानों की संख्या कम कर दी है। मंगलवार को 50 पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि बुधवार को 25 पुलिसकर्मी ही तैनात किए गए। उधर, डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि धारा 144 उल्लंघनकर्ता दंड के पात्र होंगे। इसके अलावा धरने की शर्तों को हर हाल में निभाना होगा।