- पद्मश्री हॉकी गोलकीपर सविता पूनिया को तीन करोड़ और पैरा धावक प्रमोद बिजारणियां को डेढ़ करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हॉकी गोलकीपर सविता पूनिया और पैरा एथलीट प्रमोद बिजारणियां ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर जिले का नाम रोशन किया है। प्रदेश सरकार ने उनकी इन उपलब्धियों को बड़ा सम्मान दिया है।
भिवानी के भीम स्टेडियम में शुक्रवार को प्रदेशस्तरीय खेल सम्मान समारोह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 128 पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल करीब 185 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी।
इस समारोह में पद्मश्री सविता पूनिया को तीन करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली। पैरा एथलीट प्रमोद बिजारणियां को डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। दोनों खिलाड़ियों को कुल साढ़े चार करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
यह पल जिले के खेल जगत के लिए गौरवपूर्ण रहा। भारतीय महिला हॉकी की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने देश को कई यादगार उपलब्धियां दिलाई हैं। पैरा एथलीट प्रमोद बिजारणियां ने 1500 मीटर दौड़ में लगातार दूसरी बार एशियाई पैरा खेलों का रजत पदक जीता।
दोनों खिलाड़ियों को पहले भी स्थानीय शहीद भगत सिंह स्टेडियम में सम्मानित किया जा चुका है।
हॉकी की मजबूत दीवार सविता पूनिया
पद्मश्री सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी की सबसे अनुभवी गोलकीपरों में से एक हैं। गोलपोस्ट के सामने उनकी मुस्तैदी और दबाव में शानदार बचाव ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। वह अब तक 321 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुकी हैं। वर्ष 2017 के महिला एशिया कप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। 2022 राष्ट्रमंडल खेलों और 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों में उन्हें कांस्य पदक मिला। सविता को लगातार तीन बार एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर का सम्मान भी मिला है। वर्ष 2024 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया। सविता ने अपनी सफलता का श्रेय पिता के योगदान और परिवार के निरंतर प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने बताया कि चोटिल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और हर बार नए आत्मविश्वास के साथ वापसी की।
ट्रैक पर प्रमोद की रफ्तार
पैरा एथलीट प्रमोद बिजारणियां ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियाई पैरा खेल 2026 में रजत पदक जीता। उन्होंने पुरुषों की 1500 मीटर टी-46 स्पर्धा में यह दौड़ 4 मिनट 9 सेकंड में पूरी की। इससे पहले वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए चौथे एशियाई पैरा खेलों में भी प्रमोद ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया था। लगातार दो एशियाई पैरा खेलों में रजत जीतना उनकी निरंतर मेहनत और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है। प्रमोद ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य वर्ष 2028 के पैरालंपिक खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। लगातार दूसरी बार एशियाई स्तर पर पदक जीतने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
प्रमोद के पदकों की लंबी सूची और प्रेरणा
प्रमोद बिजारणियां ने वर्ष 2025 में नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में 1500 मीटर स्पर्धा का रजत पदक जीता। इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने 2023 से 2026 तक लगातार चार स्वर्ण पदक हासिल किए। राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उनके नाम तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक हैं। खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भी उन्होंने 2023 और 2025 में रजत पदक जीते। प्रमोद अपनी सफलता का श्रेय परिवार और प्रशिक्षकों के सहयोग को देते हैं। उन्होंने सीनियर कोच भरत सिंह पूनिया, ग्रासरूट स्तर पर प्रशिक्षण देने वाले राजेश कुमार और अन्य कोचों के मार्गदर्शन को अहम बताया। जिला खेल अधिकारी सीमा रानी ने कहा कि यह सम्मान राशि जिले की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का अवसर है।
सिरसा। सविता पूनिया। फाइल फोटो।