गांव नेजाडेला कलां के पास स्थित सतलुज पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले तीन बच्चों को शिक्षकों की ओर से प्रताड़ित करने का आरोप उनके अभिभावकों ने लगाया है।
बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने काफी देेर तक उनके बच्चों को कमरे में बंधक बनाए रखा। थाना प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर उन्होंने जांच शुरू कर दी है।
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। गांव नेजाडेला कलां निवासी अशोक कुमार के दो बच्चे 11 वर्षीय जसन कुमार और 8 वर्षीय किरण इस स्कूल में कक्षा 7वीं और चौथी में पढ़ते हैं।
अशोक के छोटे भाई त्रिलोक का 5 वर्षीय पुत्र अरमान भी इसी स्कूल में केजी कक्षा में पढ़ता छात्र है। अशोक कुमार का कहना है कि 29 अप्रैल को तीनों बच्चे छुट्टी होने पर घर जाने के लिए स्कूल वैन में बैठे थे और इसी दौरान खेल शिक्षक कृष्ण कुमार ने उनकी पिटाई की।
बच्चों ने घर जाकर इस बारे में बताया तो अगले दिन परिजन शिकायत लेकर गांव के कुछ ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंचे। स्कूल प्रबंधन ने त्रिलोक के खिलाफ स्टाफ से मारपीट करने के आरोप में सदर थाने में मामला दर्ज करवा दिया। तबसे तीनों बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था।
मंगलवार को तीनों स्कूल में गए। परिजनाें ने आरोप लगाया कि स्कूल प्राचार्य सुरेंद्र कौर ने तीनोें बच्चों को एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और पंखा भी नहीं चलाया।
जब उन्हें पता चला तो वे तुरंत स्कूल में पहुंचे। अशोक ने बताया कि बच्चों को कमरे में बंधक बनाने की उसके पास मोबाइल में क्लिप तक है।
बुधवार को अशोक कुमार गांव के सरपंच होशियार सिंह, पूर्व सरपंच इंद्रपाल, ब्लॉक समिति सदस्य धर्मपाल, पंच ज्ञानचंद, मंजीत सिंह तथा मंगल सिंह, सर्वजीत सिंह, कश्मीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, अमन, मोहन, बगीचा सिंह आदि को साथ लेकर पुलिस थाने पहुंचे।
पुलिस को शिकायत दर्ज करवाकर अशोक कुमार ने अध्यापिका सुरेंद्र कौर, अध्यापक ओमप्रकाश और कृष्ण के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित अभिभावकों ने शिकायत की एक कॉपी डीईओ कुमकुम ग्रोवर को भी सौंपी है।
प्राचार्य सुरेंद्र कौर का कहना है कि स्कूल प्रबंधन व शिक्षकों पर लगे सारे आरोप झूठे हैं। 29 अप्रैल को स्कूल बस में अशोक कुमार का बच्चा शरारत कर रहा था।
अध्यापक कृष्ण ने बच्चे को अपनी सीट पर बैठाया। अगले दिन बच्चे के अभिभावक स्कूल में आए और अध्यापक कृष्ण पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। मंगलवार को बच्चों ने कहा कि उनके पेट में दर्द है तो उनको कमरे में कुर्सी पर बैठाया गया और परिजनों को सूचना दे दी गई।
दबाव बनाने के लिए आरोप लगाया जा रहा है ताकि केस वापस लिया जाए। वहीं, स्कूल प्रबंधक बीएस सरकारिया ने कहा कि अभी उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद ही कुछ कह पाएंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर का कहना है शाम को उनके पास अभिभावकाें ने शिकायत आई है। आरोप काफी गंभीर हैं और वीरवार सुबह ही इस मामले की जांच करवाई जाएगी। ऐसे मामलों को शिक्षा विभाग काफी गंभीरता से लेता है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सदर थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के साथ ही उन्होंने जांच शुरू करते हुए स्कूल में जाकर दबिश दी लेकिन वहां कोई नहीं मिला।
स्कूल प्राचार्य व शिक्षकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता अशोक पर भी स्कूल में घुसकर शिक्षक कृष्ण पर मारपीट करने का केस पुलिस थाने में दर्ज है।