सिरसा। किरण चौधरी व उनकी बेटी श्रुति चौधरी के साथ नाइंसाफी हुई है। मैं चाहती थी कि वह दोनों साथ रहती, तो हम मिलकर कांग्रेस के लिए काम करती। सैलजा का इशारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर था। उन्होंने यहां तक कहा कि पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के साथ भी यही हुआ था।
नवनिर्वाचित सांसद कुमारी सैलजा बुधवार को शहर के एक निजी रिसोर्ट में कार्यकर्ता अभिनंदन सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि किरण, श्रुति सहित कई नेताओं के साथ नाइंसाफी हुई। यही कारण है कि दोनों को कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने का फैसला करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर वे कांग्रेस में रहते तो मिलकर काम करते, लेकिन उन्होंने पार्टी छोड़ने का कदम उठा लिया। कुमारी सैलजा ने भविष्य के लिए किरण व श्रुति को शुभकामनाएं दीं।
सांसद सैलजा ने कहा कि चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ भी नाइंसाफी हुई थी। इसी तरह रणजीत सिंह चौटाला सहित कई अन्य नेता भी हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ी। हालांकि बीरेन्द्र सिंह कांग्रेस में लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि किरण चौधरी, श्रुति चौधरी, रणजीत सिंह सुरजेवाला व बीरेंद्र सिंह ने लोकसभा चुनाव में खूब मेहनत की जिसका नतीजा है कि वे सिरसा से जीतकर सांसद बनीं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में सपोर्ट करने पर सभी नेताओं का आभार जताया।
एक सवाल के जवाब में सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बड़ा परिवार है इसलिए इस तरह के हालात अकसर बन जाते हैं। पार्टी में नए नेताओं को लगातार शामिल किया जा रहा है और पुरानों की अनदेखी हो रही है। पार्टी को सबको साथ जोड़कर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया का बर्ताव भी किरण चौधरी व श्रुति चौधरी के प्रति अच्छा नहीं रहा। पार्टी में चल रही सभी बातों को हाईकमान के समक्ष रखा जाएगा। यह सब बातें पार्टी फोरम में होंगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सैलजा ने कहा कि उन्हों सिखाने वाला कांग्रेस में कोई भी नहीं है। अगर कोई इक्का-दुक्का है तो उनसे बातचीत होती रहती है। वर्षों से वे पार्टी के साथ जुड़ी हैं और खून-पसीने से कांग्रेस को सींचने का काम किया है। किसी भी सूरत में पार्टी छोड़ने की सोचना तो दूर, कभी ऐसी बात भी नहीं सोची। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें जो बोलना है बोलते रहे इससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता। जो वो चाहेंगी वही बोलेंगी और पार्टी के दायरे में रहेंगी, इसलिए पार्टी में वे गर्दन उठाकर चलती हैं और बोलती हैं।
बीरेंद्र सिंह को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सांसद सैलजा ने कहा कि वे पार्टी के कद्दावर नेता हैं। साथ मिलकर काम करेंगे और पार्टी को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने गुरुग्राम से अजय यादव को टिकट नहीं देेने को फैसले को भी दुखद बताया और कहा कि अगर टिकट उनको मिलता तो वे जरूर जीत हासिल करते। बाहरी व्यक्ति को टिकट देकर रिजल्ट खराब किया गया है और पांच साल तक इलाके में मेहनत करने वाले को दरकिनार किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुडा पर तंज कसते हुए सैलजा ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष होते हुए उन्हें भी काम नहीं करने दिया गया।