संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारत सरकार ने मोटर वाहनों के इस्तेमाल के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को नकद रहित (कैशलेस) उपचार उपलब्ध कराने के लिए पायलट योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मृत्यु को रोकना है।
डबवाली के एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 162 के तहत मोटर वाहनों के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए यह योजना शुरू की है। इसके तहत सड़क हादसे के घायल नागरिक आयुष्मान भारत योजना के पैनलबद्ध के अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक के नकद रहित इलाज के हकदार हैं।
इस योजना के तहत सड़क हादसे का कोई भी पीड़ित नागरिक आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के तहत आघात और बहु-आघात के लिए स्वास्थ्य लाभ पैकेज के अनुसार दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिनों तक प्रत्येक दुर्घटना के लिए 1.5 लाख रुपये तक नकद रहित इलाज का हकदार है।
उन्होंने बताया कि सरकार की इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है। इसमें हादसे के तत्काल बाद का समय (गोल्डन ऑवर) भी शामिल है।
यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग के कारण होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी आती है तो वह आयुष्मान योजना के हेल्पलाइन नंबर-14555 पर कॉल कर अधिक जानकारी ले सकता है।