चोपटा। नाथूसरी चोपटा में पानी निकासी की मांग को लेकर चोपटा के निवासियों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को चौपटा क्षेत्र के 52 गांवों के ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुंच कर समर्थन दिया। चौपटा के चौधरी देवीलाल चौक पर धरनारत्त लोगों का कहना है कि चोपटा की मुख्य समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे में पानी निकासी की समस्या को लेकर धरना शुरू किया गया है और जब तक पानी की निकासी की समस्या हल नहीं होगी धरना जारी रहेगा।
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे संत पूर्ण दास महाराज, पूर्व पंचायत समिति सदस्य सतबीर सहारण, पूर्ण सरपंच रणजीत कासनिया, विरेन्द्र सहु, पूर्व ब्लाक समिति चेयरमेन, बलिन्द्र पूर्व सरपंच, अमर सिंह, राजेन्द्र ओलख पूर्व ब्लाक समिति चेयरमेन, जेपी कस्वां दडवा, पूर्व सरपंच हरिराम सहारण, पालाराम कासनियां, ओम सोनी, पंच प्रेम मेहता, पंच वेद शर्मा, कर्ण टोक्सिया, मुकेश कुमार, दलीप सोनी सहित कई लोगों ने बताया कि चोपटा में पानी निकासी की समस्या, शौचालय की समस्या सहित कई समस्याएं वर्षों से हल नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सिरसा-भादरा रोड का निर्माण किया जा रहा है लेकिन पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है। रोड के निर्माण से पहले चोपटा में सीवर लाइन डालकर पानी निकासी का प्रबंध किया जाए। जिससे नए रोड का लोगों को फायदा होगा। अगर पानी निकासी की समस्या का कोई हल नहीं किया गया तो बारिश का मौसम आते ही रोड पर पानी खड़ा हो जाएगा और रोड फिर से टूट जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री, सांसद सुनीता दुग्गल, बिजली मंत्री रणजीत सिंह और सभी अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है इनका कहना है कि अब सड़क निर्माण से पहले पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो उनका धरना जारी रहेगा। जब तक चोपटा की मुख्य समस्या पानी निकासी की हल नहीं होगी तब तक वह अपना आंदोलन जारी रहे रखेंगे।