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चंडीगढ़ आयकर विभाग ने सीडीएलयू को दिया 16 करोड़ का नोटिस, सीडीएलयू ने तीन फरवरी तक देना है जवाब

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सीडीएलयू की फाइल फोटो - फोटो : Sirsa
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आयकर विभाग चंडीगढ़ ने सीडीएलयू को 16 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स का नोटिस भेजा है। आयकर विभाग ने सीडीएलयू को 2017-18 की ग्रांट व छात्रों की फीस की असेसमेंट किया है। हालांकि सीडीएलयू के वीसी राजबीर सिंह सोलंकी ने बीते दिन बुधवार को इस पर लेखा शाखा के अधिकारियों को इसका जवाब देने के लिए कहा है। सीडीएलयू ने तीन फरवरी तक इसका जवाब भेजना है। यदि वे सीडीएलयू के तर्क से संतुष्ट होते हैं तो ठीक हैं नहीं तो सीडीएलयू इस नोटिस के खिलाफ आयकर ट्रिब्यूनल में अपील करेगा।
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सीडीएलयू को करीब 20 दिनों पहले चंडीगढ़ की आयकर शाखा ने इनकम टैक्स का नोटिस जारी किया। नोटिस में दावा किया गया कि सीडीएलयू को यूजीसी, सरकार से मिलने वाली ग्रांट व छात्रों की फीस से इनकम होती है। जिस पर करीब 16 करोड़ का इनकम टैक्स बनता है। यह इनकम वर्ष 2017-18 की है। इसलिए इसका लेखा जोखा दिया जाए। नोटिस मिलने के बाद सीडीएलयू की लेखा शाखा ने इसे पहले हलके में लिया और इसका जवाब नहीं दिया। लेकिन कुछ दिनों पहले यह मामला वीसी राजबीर सिंह सोलंकी तक पहुंचा। वीसी ने इस पर संज्ञान लेते हुए बुधवार को लेखा शाखा के चीफ एकाउंट ऑफिसर देवेंद्र मेहता सहित अन्य अधिकारियों व सीडीलयू के सीए प्रदीप उतरेेजा के साथ मीटिंग की। वीसी ने इसका जवाब तैयार करने के निर्देश दिए। अब सोमवार तक इनकम टैक्स के नोटिस का जवाब दे दिया जाएगा। जानकारी अनुसार आयकर विभाग ने सीडीएलयू को राज्य सरकार, यूजीसी व छात्रों की फीस को इनकम मानकर इसे सीडीएलयू का प्रोफिट माना है।
सीडीएलयू के पास अपील के तीन विकल्प
पहला विकल्प सीडीएलयू इस नोटिस के खिलाफ चंडीगढ़ आयकर विभाग में अपील करेगा। यदि वे उनके जवाब से संतुष्ट होते हैं तो ठीक, नहीं तो सीडीएलयू दिल्ली में आयकर ट्रिब्यूनल में अपील करेगा। यदि वहां से राहत नहीं मिलती तो इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का अधिकार है।
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इससे पहले नगर परिषद ने सीडीएलयू को भेजा था 47 लाख रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स
नगर परिषद ने कुछ दिनों पहले सीडीएलयू को 47 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस भेजा था। इसके जवाब में सीडीएलयू के इस्टेट ऑफिस ने 27 जनवरी को अपना जवाब देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय एक संस्था शैक्षणिक संस्था है, इसलिए 100 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स माफ किया जाए।
विश्वविद्यालय को सरकार व यूजीसी से मिलने वाली ग्रांट को आयकर विभाग ने इनकम माना है। हम इसका जवाब देंगे। यदि आयकर विभाग चंडीगढ़ हमारे जवाब से संतुष्ट नहीं होता हम इसके खिलाफ अपील करेंगे।
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- प्रोफेसर राजबीर सिंह सोलंकी, वीसी, सीडीएलयू सिरसा।
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