संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने कहा कि आधुनिक युग में साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे है। उन्होंने कहा कि साइबर ठगों ने अब ठगी का एक नया तरीका अपनाया है, जिसे ''जंप डिपोजिट'' का नाम दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर ठग इस तकनीक के जरिए चंद ही मिनटों में आपका अकाउंट खाली कर सकते हैं। जंप स्कैम में साइबर ठग पहले आपके खाते में एक छोटी राशि जैसे 2000 रुपये ट्रांसफर करते हैं। यह राशि सच में आपके खाते में आती है। इस संबंध में आपको इसका टेक्स्ट मैसेज या नोटिफिकेशन भी प्राप्त होता है। असल खेल नोटिफिकेशन के बाद शुरू होता है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधियों ने तकनीकी रूप से ऑटोमेटिक अमाउंट निकालने का सिस्टम सेटअप तैयार किया होता है। जब आप बैलेंस चेक करने के लिए यूपीआई एप पर जाकर पिन डालते हैं, तो उसी समय आपके खाते से बड़ी राशि साइबर ठगों के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। आपके खाते का बैलेंस शून्य हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि जैसे ही आपके खाते में क्रेडिट आता है। तो तुरंत बैलेंस चैक न करें, क्योंकि साइबर अपराधी आपके बैंक खाते पर घात लगाकर बैठे होते हैं, जैसे ही आप अपने बैंक अकाउंट में बैलेंस चैक करने के लिए फोन पर आए टेक्स्ट मैसेज या नोटिफिकेशन पर क्लिक करते हैं, तो आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने कहा कि फोन पर आए किसी भी प्रकार के टेक्स्ट मैसेज, नोटिफिकेशन या अन्य लिंक पर 15 से 20 मिनट तक क्लिक न करें। 15 से 20 मिनट के बाद आप अपना बैलेंस चैक करते हैं तो, अपनी यूपीआई में एक बार गलत पिन का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें अन्यथा राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 1930 पर पर कॉल करें, क्योंकि समय रहते आपकी राशि को ब्लॉक किया जा सकता है।