सिरसा। जिले की पुलिस पिछले दो माह से साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है। महिलाओं को विशेष रूप इन धोखेबाजों से बचने के लिए आगाह किया जा रहा है। इसके बावजूद वीरवार को साइबर क्राइम के तीन मामले सामने आए। हैरानी की बात यह है कि पढ़े लिखे लोग साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। इनमें चिकित्सक तक शामिल है।
मामलों पर गौर किया जाए तो साइबर ठगी का कोई नया तरीका प्रयोग में नहीं लाया गया है। ठगी में दोस्त की मदद, शादी डॉट काम और बड़े कमीशन का लालच दिया गया। इस तरह के पूर्व में भी कई मामले देश भर में सामने आ चुके हैं। वीरवार को सामने आए तीनों मामलों में दोस्ती के नाम पर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति ने एक माह बाद पुलिस को शिकायत दी है।
मामला नंबर 1
पुलिस को दी शिकायत में चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की छात्रा मनप्रीत कौर पुत्री जरनैल सिंह ने बताया कि वह सीडीएलयू में रहती है। कुछ समय पहले परिजनों के साथ मैंने शादी डॉट कॉम पर रिश्ते के लिए प्रोफाइल बनाई थी। प्रोफाइल बनाने के बाद एक दिन शादी के लिए एक अज्ञात नंबर से लड़के का फोन आया। लड़के ने कहा कि उसने शादी डाॅट कॉम पर उसकी प्रोफाइल देखी थी। लड़के से बात करने के बाद वह मुझे व मेरे परिवार वालों को पसंद आ गया। परिजनों ने उसे रिश्ते के लिए हां कर दी है। लड़के ने बताया कि वह विदेश में रहता है और कुछ समय बाद भारत आएगा। लड़के के साथ तीन-चार दिन तक बात हुई। एक दिन उसने कहा कि वह विदेश से उसे गिफ्ट भेजना चाहता है। जिसके लिए कुछ पैसे भेजने पड़ेंगे, उसके कहने पर 47000 रुपये बैंक खाते में डाले। इसके बाद 26,0306 व 60,000 और 10,000 रुपये अलग-अलग यूपीआईडी में उसे भेज दिए। उसके मांगने पर कुल 3,77,306 रुपये भेजे। पैसा भेजने के कुछ समय बाद मुझे कुछ शक होने लगा तो मैंने निजी तौर पर खोजबीन की तो जानकारी मिली की लड़का फ्रॉड है। जिसके बाद पुलिस को मामले की शिकायत दी।
मामला : 2
दूसरे मामले में पुलिस को दी शिकायत में गायत्री शर्मा ने बताया कि वह दंत चिकित्सक है। उसका कोर्ट रोड पर स्माइल केयर डेंटल के नाम से क्लीनिक है। 29 अगस्त को रिमोट जॉब के लिए ऑनलाइन सर्च साइट कर रही थी। इस दौरान एक विज्ञापन साइट पर मिला। साइट पर जाने पर एक व्हाट्सएप लिंक प्राप्त हुआ। उस लिंक को ओपन करने के बाद एक व्यक्ति से बात हुई। जिसने टेलीग्राम का लिंक भेजा। टेलीग्राम लिंक पर क्लिक करने पर एट जीआरपीएनडेविड यूजन नाम से एक आईडी खुल गई। उस आईडी पर ऑनलाइन जॉब के बारे में जानकारी दी गई और बड़ा कमीशन देने का प्रलोभन दिया। उक्त व्यक्ति की बातों पर विश्वास कर उनके साथ काम शुरू कर दिया। उन्होंने एक काम दिया, जिसे मैंने पूर्ण कर दिया। उक्त व्यक्ति ने कहा कि आपने काम करने में अधिक समय लगा दिया है और आपको अतिरिक्त राशि जमा करवानी होगी। उक्त व्यक्ति के कहे अनुसार उसके खाते में 50644 रुपये डाल दिए। इस तरह से अलग-अलग करके उसके खाते में 3,14389 रुपये जमा करवा दिए। उनके साथ काम करते हुए फ्रॉड होने का आभास हुआ। इसके बाद उन्हें पैसे देने से इन्कार कर दिया। वहीं पुलिस को ठगी के बारे में शिकायत दी।
मामला नंबर 3
पुलिस को दी शिकायत में सिरसा के थेडी बाबा सावन सिंह निवासी राजन कम्बोज पुत्र हरभजन ने बताया कि उसका दोस्त भूपिंदर कनाडा रहता है। उसके नाम से मेरे पास 14 अक्तूबर को फोन आया कि वह मुसीबत में है और उसे पैसे की जरूरत है। दोस्त की मदद के लिए 14 से 16 अक्तूबर के बीच उसके खाते में तीन बैंक अकाउंट से सात लाख रुपये और एक लाख रुपये यूपीआई से जमा करवाए। बाद में मैंने भूपिंदर को रुपये के बारे में फोन किया तो उसने बताया कि मैंने तो कोई रुपये की मांग नहीं की। उसने अपने स्तर पर काफी छानबीन की लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उसके बाद से मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा। स्वस्थ होने के बाद मैंने पुलिस को शिकायत दी।