सिरसा। भयंकर गर्मी में तापमान 34 डिग्री के पार हो चुका है न बिजली, न पंखे और न ही कूलर। ऊपर से एक ही कमरे में कक्षा और उसी में रसोई की तपिश। हम बात कर रहे हैं जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की जहां पर प्रतिदिन नौनिहाल क,ख,ग पढ़ने और खेलने आते हैं। लेकिन 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है।
ऐसे में बच्चों का क्या हाल होता होगा, ऐसी स्थिति का आप अंदाजा लगा सकते हैं। सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र तो खोल दिए हैं लेकिन बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की गई है। इस कारण बच्चे परेशानी झेल रहे हैं।
गर्मी इन दिनों चरम पर है। घरों और कार्यालयों में पंखे, कूलर, एसी सभी चल रहे हैं। लेकिन कुछ समय के लिए भी बिजली कट लग जाए तो हालत खराब हो जाती है। लेकिन सोचिये, उन बच्चों का क्या हाल होता होगा जो उन आंगनबाड़ी केंद्रों में आते हैं, जहां या तो बिजली कनेक्शन है ही नहीं, यदि है भी तो स्थिति खराब है। इसी की पड़ताल शुक्रवार को की गई। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों की वास्तविक स्थिति खुलकर सामने आई। शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों में इस भयंकर गर्मी में नौनिहाल ककहरा सीख रहे हैं। केंद्रों में महिला एवं बाल विभाग द्वारा बिजली के कनेक्शन तक नहीं दिए गए हैं। जिसके कारण आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या भी कम होती जा रही है। बिना पंखे के विद्यार्थी सारा दिन गर्मी में बैठे रहते हैं। वहीं उसी जगह पर खाना भी हेल्परों द्वारा बनाया जाता है। जिसके कारण कमरे में गर्मी और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
198 प्ले स्कूलों में से 171 में नहीं है बिजली कनेक्शन
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के करीब एक हजार आंगनबाड़ी केंद्र में से 198 को प्ले स्कूलों में तबदील किया गया है। जिसमें से 171 प्ले स्कूल में बिजली की कनेक्शन तक नहीं है। वहीं करीब 300 से अधिक आंगनबाड़ी में बिल पेंडिंग होने के कारण कनेक्शन कट चुका है। जिसमें से किसी में बिल न भरने के कारण, किसी में किराया न देने के कारण बिजली नहीं है। सिरसा ब्लॉक में 78 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों में से सिर्फ 11 ही सरकारी इमारतों में ही चल रहे हैं। बाकी सब आंगनबाड़ी केंद्र किराए की इमारतों में चल रहे हैं। जिसका पिछले 18 महीने से किराया तक नहीं आया है।
जानिए....कहां..कैसी मिली स्थिति
मॉडल संस्कृति प्राइमरी विंग में बना केंद्र, समय : सुबह 10 बजे, पंखा बंद कर बना रहे खाना
शहर की अनाज मंडी में स्थित मॉडल संस्कृति प्राइमरी विंग में आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया है। यहां केंद्र में पंखा नहीं चल रहा था। गर्मी में बच्चे टेबल पर बैठकर खिलौने से खेल रहे थे। आंगनबाड़ी में नियुक्त हेल्पर वहीं बच्चों के लिए परांठे बना रही थी। जिसके कारण गर्मी और भी ज्यादा बढ़ गई। हेल्पर से पूछा कि पंखा क्यों नहीं चल रहा है तो उसने बताया कि खाना बन रहा है इसलिए पंखे को बंद किया गया है।
कबीर धर्मशाला में चल रही आंगनबाड़ी समय : 10:20, अंधेरे कमरे में बना रहे खाना
सीएमके कॉलेज के सामने खस्ता हाल कबीर धर्मशाला में आंगनबाड़ी चल रहा है। इस केंद्र में कमरे के बाहर बरामदे में नौनिहाल बैठकर खेल रहे थे। लेकिन इसमें भी पंखा नहीं चल रहा था। कार्यकर्ता से जब पूछा कि पंखा क्यों नहीं चलाया तो उसने बताया कि यहां पर कनेक्शन ही नहीं है। हर साल तपती गर्मी में ही नौनिहालों को पढ़ाना पड़ता है। वहीं अंधेरे कमरे में हेल्पर बच्चों के लिए खाना बना रही थी। क्योंकि कमरे में लाइट ही नहीं थी।
संजय कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी, छोटी सी दुकान में बनाया केंद्र, सड़क पर बैठे मिले बच्चे समय 10: 40
संजय कॉलोनी में बनाए आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे सड़क पर बैठे थे। अंदर जाकर देखा तो जिसे आंगनबाड़ी केंद्र बनाया वो एक छोटी सी दुकान है। जिसमें मुश्किल से 6 से 7 बच्चे भी नहीं बैठ पा रहे थे। जिसके कारण नौनिहालों को बाहर गर्मी में बैठना पड़ रहा था। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि विभाग को बहुत बार छोटी जगह के बारे में बताया है। लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। विभाग की तरफ से आंगनबाड़ी का किराया मात्र 1500 रुपये मिलता है। लेकिन इतने पैसे में कोई भी किराए के लिए घर या कोई अन्य जगह नहीं मिलती है।
एकता नगर स्थित केंद्र समय: सुबह 11 बजे, यहां भी बिना पंखा गर्मी में पढ़ रहे थे बच्चे
एकता नगर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र किसी के घर के बाहर में वाले छोटे से कमरे में चल रहा है। इस केंद्र की जगह भी इतनी छोटी कि 10 बच्चे भी मुश्किल से वहां बैठ पाते हैं। इस केंद्र में जाकर देखा तो
इस केंद्र में पंखा नहीं चल रहा। दोपहर की गर्मी में ही नौनिहाल खेल रहे थे और कार्यकर्ता उन्हें कविता सीखा रही थी। इसी के साथ कार्यकर्ता खाना भी बना रही थी।
प्राइमरी स्कूल का आंगनबाड़ी केंद्र, समय: सुबह 11:20 यहां भी एक पंखा मिला खराब
अनाज मंडी में स्थित प्राइमरी स्कूल में बनाए आंगनबाड़ी केंद्र में विद्यार्थी टेबल पर खेल रहे थे। इस दौरान उसी जगह हेल्पर बच्चों के लिए खाना बना रही थी। यहां भी पंखा चल नहीं रहा था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि इस कमरे का एक ही पंखा चलता है और एक पंखा खराब है। जो एक चलता है वो भी सही से नहीं चलता है। जिसके कारण नौनिहाल पसीने से तरबतर हो जाते हैं।
बीईओ कार्यालय में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, समय: 12 बजे, यहां पर पंखा ही नहीं
बीईओ कार्यालय में स्थित एक इमारत में आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है। जिसकी हालत बेहद खस्ता है। इसमें दोपहर करीब 12 बजे जाकर देखा तो पाया कि इसमें विद्यार्थी गर्मी में ही खेल रहे है। आंगनबाड़ी केंद्र में पंखा चलना तो दूर की बात लगा ही नहीं हुआ है। जिसके कारण नौनिहाल गर्मी से परेशान दिखे।
बिजली कनेक्शन की समस्या है, लेकिन समाधान करवा रहे हैं : डॉ. दर्शना सिंह
आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली की समस्या तो है। कुछ केंद्रों में बिजली कनेक्शन नहीं है तो कुछ में बिल न भरने के कारण कनेक्शन कट गया है। लेकिन अब इस समस्या का समाधान किया जा रहा है। सरकार की ओर से 63 आंगनबाड़ी केंद्रों में कनेक्शन लगवाने के लिए फंड आ चुका है। इनमें से 33 केंद्रों में कनेक्शन किया जा चुका है जबकि 30 में कनेक्शन के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा कई आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जो सरकारी बिल्डिंग में संचालित हैं, वहां बिजली की समस्या नहीं है।
-डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, सिरसा।