सिरसा। सरकार की ओर से चलाया गया बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान असरदार साबित हो रहा है। सिरसा जिला पिछले करीब चार वर्षों से इस मामले में काफी अच्छा रहा है। जिले में अब एक हजार लड़कों के पीछे 929 लड़कियों का जन्म हो रहा है। सिरसा जिला अब प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। जिले में बीते वर्ष 21,522 बच्चों को जन्म हुआ था। इनमें से 10,363 लड़कियों व 11159 लड़कों का जन्म हुआ है।
लिंगानुपात में सुधार करने को लेकर सरकार की ओर से कई तरह की योजनाओं को शुरू किया गया है। जिसमें बच्ची के जन्म पर उनके परिवार को सहायता राशि व अन्य कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चियों के जन्म को लेकर भी गांवों में कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जाता है। लिंगानुपात में सुधार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भ्रूण जांच व अन्य गैर कानूनी तरीके से कार्य करने वाले लोगों पर कार्रवाई भी की जा रही है। विभाग की ओर से गांव स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन करवाया जाता है।
जिले के पांच गांवों में सबसे अधिक बच्चियों का जन्म
जिले के खैरेकां, धोलपालिया, ठोबरियां, जसानिया व नकौड़ा गांव में अधिक लड़कियों का जन्म हुआ। वहीं जिले के 30 से अधिक ऐसे गांव है। जिनका लिंगानुपात लंबे समय से लड़कों के समान चल रहा है। हालांकि कई गांवों में लिंगानुपात पहले के मुकाबले कम भी हुुआ है। पंजाब के साथ लगते कई गांवों में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का जन्म कम हो रहा है। ऐसे में अब विभाग की ओर से पंजाब के साथ लगते गांवों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दूसरे राज्यों में भी कार्रवाई करने पहुंचती है स्वास्थ्य विभाग की टीमें
भ्रूण लिंग जांच करने और गर्भपात करने की शिकायत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें दूसरे राज्यों में भी पहुंचकर कार्रवाई करती है। विभाग की टीम की तरफ से पंजाब क्षेत्र में कई ऐसे गिरोह को पकड़ा गया है। जो भ्रूण लिंग जांचने और गर्भपात जैसे गैर कानूनी कार्य करते थे। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है।
यह रहा बीते चार वर्षों का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
वर्ष 2018, 935
वर्ष 2019, 935
वर्ष 2020, 947
वर्ष 2021, 929
लिंगानुुपात में सिरसा जिला प्रदेश में अब तीसरे स्थान पर है। गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के अभियानों को चलाया जाता है। वहीं कार्यक्रम भी आयोजित करवाए जा रहे हैं। लिंगानुपात में बेहतर रहने वाले गांवों की लड़कियों को भी सम्मानित किया जाता है।
-डॉ. दीपक कंबोज, नोडल ऑफिस, पीएनडीपी एमटीपी सिरसा।