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हाउस टैक्स के नाम पर अवैध वसूली

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शहर में हाउस टैक्स सर्वे करवाने वाली निजी कंपनी के कर्मचारी हाउस टैक्स के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। रविवार दोपहर ऐसे दो कर्मचारियों को वार्ड 19 के निवासियों ने पकड़ लिया लेकिन एक कर्मचारी मौके से फरार हो गया। वार्ड के पार्षद रोहित गनेरीवाला ने पकड़े गए एक कर्मचारी को पुलिस के हवाले कर दिया। नगर परिषद की ओर से हाउस टैक्स के लिए नए सिरे से सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे कार्य का ठेका नप ने दिल्ली की एक निजी कंपनी दे रखा है। उक्त कंपनी के कर्मचारी शहर के विभिन्न वार्डों में जाकर मकानों के नक्शे और आकार के हिसाब से हाउस टैक्स की दर दर्ज कर रहे हैं। रविवार दोपहर को कंपनी के दो कर्मचारी वार्ड 19 की कांडा वाली गली और बावड़ियों वाली गली में पहुंचे। उक्त कर्मचारियों ने लोगों को कहा कि ‘आपके घर के नक्शे के हिसाब से हाउस टैक्स ज्यादा बनता है लेकिन परेशान होने की कोई बात नहीं, थोड़ी सेवा-पानी करने से सब ठीक कर देंगे।’ लोगों ने दोनों कर्मचारियों को पांच सौ से दो सौ रुपये देने शुरू कर दिए। इसी दौरान कुछ जागरूक लोगों ने दोनों कर्मचारियों से पूछताछ करनी शुरू की तो अवैध वसूली की बात सामने आई। दोनों कर्मचारियाें ने स्वयं को फंसता देख भागने का प्रयास किया तो एक कर्मचारी को लोगों ने पकड़ लिया जबकि दूसरा फरार होने में कामयाब रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने कर्मचारी से पूछताछ की तो उसकी पहचान हिसार के सलेमगढ़ निवासी अमरजीत सिंह के रूप में हुई। फरार कर्मचारी भी सलेमगढ़ का ही है और उसका नाम अमर सिंह है। पुलिस ने कंपनी के सहायक प्रबंधक शिव कुमार को घटना की सूचना दी। शिव कुमार पुलिस थाने पहुंचे तो आरोपी अमरजीत सिंह ने माफी मांग ली। कंपनी की तरफ से आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की अनुशंसा नहीं की गई और लोगों ने भी आरोपी को माफ कर दिया।
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लोगों के पैसे लौटाएंगे
कंपनी के अधिकारी शिव कुमार ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जिन लोगों से उक्त कर्मचारियाें ने हाउस टैक्स के नाम पर अवैध वसूली की है, सारी रकम लोगों को वापस कर दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी ने कर्मचारी अमरजीत और अमर सिंह को तुरंत प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है।

किसी ने नहीं दी शिकायत
शहर थाना प्रभारी मौजी राम ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है। कंपनी ने अपने स्तर पर ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
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