स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू कर दिया गया है। वैक्सीनेशन के दूसरे दिन कुल 55 कर्मियों को ही वैक्सीन लग पाई। अभी विभागों की ओर से सभी कर्मचारियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड न किए जाने के कारण कर्मचारियों को बिना वैैक्सीन लगवाए ही वापस लौटना पड़ रहा है। साथ ही पुलिस कर्मचारियों का डाटा गलत अपलोड कर दिया गया।
बता दें कि शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए काफी संख्या में पुलिस कर्मी पहुंचे। लेकिन पुलिस कर्मियों का लिस्ट में नाम न होने के कारण कर्मचारियों को बिना वैक्सीन लगवाएं ही वापस लौटना पड़ा। पुलिस विभाग के कर्मियों का डाटा पुलिस के स्टेट कार्यालय की तरफ से स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया गया था। जिसके कारण अन्य जिलों के पुलिस कर्मियों का नाम भी सिरसा के नागरिक अस्पताल के पोर्टल पर अपलोड कर दिया। जबकि सिरसा के पुलिस कर्मियों का डाटा किसी अन्य जिले के अस्पताल पर अपलोड कर दिया। जिसके कारण एक, दो पुलिस कर्मियों का नाम ही लिस्ट में आया और अन्य पुलिस कर्मियों को वापस लौटना पड़ा।
विभाग ने 2145 पुलिसकर्मियों का डाटा किया अपलोड
पुलिस विभाग की ओर से सिरसा नागरिक अस्पताल के पोर्टल पर कुल 2145 पुलिस कर्मियों का डाटा अपलोड कर दिया। जबकि पुलिस कर्मियों की संख्या इससे कम है। इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने पुलिस विभाग को भी जानकारी दी है। जिसके पश्चात अब दोबारा से कर्मियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। वहीं अन्य विभागों द्वारा भी अभी पोर्टल पर कर्मियों का डाटा अपलोड नहीं किया गया है। डाटा अपलोड करने की अंतिम समय सीमा सात फरवरी है।
आज एक केंद्र पर लगेगी वैक्सीन
शनिवार को नागरिक अस्पताल सिरसा के एक केंद्र पर ही पुलिस कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। इसमेें केवल पुलिस कर्मियों को ही बुलाया गया है। विभाग की ओर से लिस्ट पुलिस विभाग में भी भेजी जाएगी। पुलिस के कुल जवान 1412 है। इनमें से 734 कर्मी सिरसा के पाए गए।
शुक्रवार को चार नए मरीज मिले कोरोना संक्रमित
एक सप्ताह बाद फिर से जिले में चार मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल 1484 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए थे। इनमें से 14 मरीजों की सैंपल रिपोर्ट आई है। जिनमें से चार मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिले में अब तक 2 लाख 16 हजार 836 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए हैं। इसमें से 8 हजार 58 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिले में कुल 19 एक्टिव मामले हैं। इन मरीजों का अभी इलाज जारी है।
कोट
पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों की गलत लिस्ट को विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया गया था। जिसके कारण कई पुलिस कर्मियों का लिस्ट में नाम नहीं आया है। ठीक लिस्ट को अपलोड करने को लेकर बैठक की गई थी। दूसरे विभागों के कर्मचारियों का डाटा भी विभाग के पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है।
- डॉ. बालेश बांसल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।