अगर किसी किशोर से कोई अपराध हो गया हो तो स्कूल प्रबंधन उसका नाम नहीं काट सकता। ऐसा करने पर स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई कानूनी कार्रवाई होगी। किशोर न्याय बोर्ड इस प्रकार का मामला सामने आने पर कड़ा एक्शन लेगा। किशोर न्यायालय की न्याय बोर्ड अधिकारी मोनिका चौधरी ने बताया कि किसी अपराध में लिप्त बच्चे का स्कूल प्रबंधन उसका नाम काट देता है जो कि सरासर किशोर न्याय कानून के खिलाफ है। हाल ही में कुकर्म के मामले में आरोपी एक किशोर का स्कूल प्रबंधन ने नाम काट दिया। इसका पता चलते ही तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए स्कूल प्राचार्य नोटिस देकर आरोपी किशोर का फिर से दाखिला करवाया गया। उक्त युवक के न्यायिक गृह में शिक्षा ग्रहण करते हुए स्कूल में परीक्षा देकर अच्छे अंकों उसे कक्षा उत्तीर्ण हुआ।
दोषी किशोरों को सामुदायिक सेवा पर भेजा
चोरी के मामले में आरोपी दो किशोरों को बाल न्यायालय ने दोषी करार देकर उन्हें तीन माह की सामुदायिक सेवा पर भेजने का फैसला सुनाया है। शहर थाना पुलिस ने जुलाई 2015 में दोनों किशोरों को चोरी करने के आरोप में पकड़ा था। दोनों मामलों का निपटारा करते हुए न्यायाधीश पूजा गोयल ने आरोपी किशोरों को दोषी पाते हुए सुधार गृह भेजने की बजाए सामुदायिक सेवा पर भेजने का फैसला सुनाया। तीन महीने तक उक्त किशोर शहर के स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र में रहकर सेवा लोगों की सेवा करेंगे।
16 किशोरों ने बदला अपना जीवन
किशोर को सामुदायिक सेवा करने का आदेश देना सिरसा किशोर न्यायालय का प्रयास काफी सार्थक साबित हुआ है। न्यायालय ने चोरी, छीना झपटी, मारपीट, दुष्कर्म व कुकर्म में दोषी पाए जाने वाले 16 किशोरों को सामुदायिक सेवा पर विभिन्न सामुदायिक केंद्रों में भेजा था। इस दौरान किशोर न्याय बोर्ड अधिकारी ने किशोरों की निगरानी के साथ-साथ उनकी काउंसिलिंग की। इससे अपराध की दिशा की तरफ अग्रसर होने वाले इन किशोरों को जीवन बदल गया। सेवा काल की अवधि पूरी होने के बाद। इन किशोरों ने अपने जीवन को नई दिशा दी। एक तो आज निजी कंपनी में बेहतरीन नौकरी कर रहा है। हमला मकसद ऐसे किशोरों की छवि को हर प्रकार से सुधारना है।
मोनिका चौधरी,किशोर न्याय बोर्ड अधिकारी सिरसा।
फोटो: किशोर न्याय बोर्ड अधिकारी मोनिका चौधरी।