गांव जोगेवाला में सोमवार सुबह एक पति ने धारदार हथियार से हमला कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
पत्नी का कसूर सिर्फ इतना था कि दो बेटियों के जन्म के बाद वह अपने पति को काम करने के लिए कहती थी।
करीब दो साल से वह घर पर खाली बैठा हुआ था। इस वजह से अकसर घर में क्लेश होता था। हत्या के बाद आरोपी अपनी पत्नी के शव के पास ही बैठा रहा।
उसके मां-बाप ने थाने में पहुंचकर शिकायत दी। शहर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करने के बाद हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोमवार दोपहर को गांव जोगेवाला का बुजुर्ग राजा सिंह अपनी पत्नी जसपाल कौर के साथ रोते-बिलखते हुए शहर थाने में पहुंचा।
उन्होंने कहा कि घर पर उसका बेटा गुरप्रीत सिंह कृपाण लिए खड़ा है। उसने अपनी पत्नी सुखरीत कौर को काट डाला है। घर में दाखिल होने पर वह उन्हें भी जान से मारने की धमकी दे रहा है।
सूचना पाकर शहर थाना पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर दलीप सिंह, एसआई इंद्राज सिंह, एसआई कैलाश चंद्र दलबल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर ली।
शव को घसीटते हुए चारपाई पर डाला
गुरप्रीत सिंह ने अपनी पत्नी को बेरहमी से काटा। घर के आंगन में बिखरे खून पर मिट्टी डाल दी। बाद में अपनी पत्नी के शव को घसीटते हुए चारपाई तक ले गया।
शव को चारपाई पर लेटाकर कृपाण सहित वहीं बैठ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
मां को भेज दिया पड़ोसियों के घर
जसपाल कौर ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे गुरप्रीत धार्मिक पुस्तक पढ़ रहा था। अचानक उसने कहा कि वह पड़ोसियों को उधार दिए पैसे ले आए।
उस समय बहू सुखरीत कौर खाना खा रही थी। पड़ोसियों के घर से कुछ ही देर बाद वह लौटी तो घर का मुख्य दरवाजा बंद था। उसने आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।
बाद में दीवार फांदकर भीतर प्रवेश करना चाहा तो गुरप्रीत कृपाण लेकर खड़ा हो गया। उसे मारने के लिए दौड़ा। यह भी बोला, मैं सुखरीत टपाती, मैं सुखरीत टपाती।
दो बार यह शब्द सुनने के बाद वह गांव की ओर भागी। मार्ग में उसका पति राजा सिंह मिल गया। वे दोनों जैसे-तैसे शहर थाने में पहुंचे और बेटे की करतूत की जानकारी दी।
सुबह दो बजे उठकर करता था गुरुद्वारे की सफाई
जसपाल कौर ने बताया कि उसका बेटा सुबह दो बजे उठकर गुरुद्वारे में साफ-सफाई करने जाता था। वह घर आकर भी भगवान का नाम जपता रहता था।
बुजुर्ग ने रोते हुए बताया कि दो बेटियाें के होने के बाद उसकी बहू अकसर बेटे को काम करने के लिए कहती थी ताकि घर का खर्चा चलाया जा सके। इस पर बहू और बेटे में अकसर लड़ाई होती थी।
शादी के तीन माह बाद ही गटका था कीटनाशक
जसपाल कौर ने कहा कि सुखरीत कौर पंजाब के श्री मुक्तसर साहब के गांव फकरसर की रहने वाली थी। करीब साढ़े सात साल पहले उसकी शादी हुई थी।
शादी के तीन महीने बाद ही अपने साले के साथ लड़कर गुरप्रीत ने स्प्रे पी ली थी। बड़ी मुश्किल से उसेे बचाया जा सका था।
पंद्रह एकड़ जमीन से रह गई पौने सात
जसपाल कौर ने कहा कि ओहना कोले पंद्रह किल्ले जमीन सी। पुत्त दी जिद्द कारण छह किल्ले जमीन बेच के गोलूवाला कैंचियां पदमपुर (राजस्थान) विच दुकानां पवा के दित्तियां।
फर्नीचर दा कम करा के दित्ता। ओत्थे गुरप्रीत चार साल रेहा। दो साल पहियां पिंड वापस आ गया। फेर जिद्द कित्ती, कच्चे मकान तो पक्का मकान बना के दित्ता।
हुण पंद्रहा किल्लेआं तो जमीन पौने सत्त किल्ले रह गई ए। सच्ची गल इह है कि गुरप्रीत चार पैनां दा इकलौता भाई ए, ते सब तो छोटा सी।
ऐस वास्ते ओस नूं कदे कुछ वी नहीं केहा सी। स्प्रे पीन दे मामले तो बाद तां ओसदी हरेक जिद्द पूरी कित्ती।
बेटियां चिल्लाई, मम्मी के पास जाना है
मृतका की दो बेटियां अरमानदीप कौर (5) और कर्णवीर कौर (3) गांव पथराला (पंजाब) में स्थित एक स्कूल में पढ़ने के बाद दोपहर को वापस घर पहुंची।
मां की हत्या से अनजान दोनों बच्चों ने स्कूल बस से उतरते ही मम्मी-मम्मी चिल्लाना शुरू कर दिया। इसी दौरान उनके दादा राजा सिंह ने रोते-बिलखते बच्चों को अपनी गोद में भर लिया। बाद में पड़ोसियों ने दोनों बच्चों को संभाला।
गुरप्रीत के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी गुरप्रीत को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या की वजह घरेलू कलह सामने आई है।
- इंस्पेक्टर दलीप सिंह, शहर थाना प्रभारी, डबवाली