जेल प्रशासन की प्रताड़ना से तंग आकर हवालाती बैरक में बुधवार रात को आत्महत्या का प्रयास किया।
घायल हवालाती को उपचार के लिए रात सामान्य अस्पताल में लाया गया, लेकिन देर रात जेल अधिकारी उसे वापस अस्पताल से जेल में ले गए।
पुलिस ने जेल अधीक्षक की शिकायत पर हवालाती प्रवीण शर्मा के खिलाफ जेल एक्ट और धारा 309 के तहत आत्महत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, जेल के हवालात बैरक नंबर पांच में बेगू रोड स्थित इंदिरा विकास कॉलोनी निवासी प्रवीण कुमार शर्मा 11 महीनों से बंदी है।
बुधवार रात को उसने चम्मच को धारदार करके चाकू बना लिया और पेट में मार लिया। साथी हवालातियों ने शोर मचाया तो जेल अधिकारी बैरक में पहुंचे और प्रवीण को तुरंत सामान्य अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकों के काफी प्रयास के बाद प्रवीण की जान बच गई। देर रात जेल अधिकारी उसे वापस जेल में ले गए। बृहस्पतिवार दोपहर फिर उसे जेल से वापस सामान्य अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में उसने उसके द्वारा लिखा सुसाइड नोट मीडिया वालों को सौंपा, जिसमें उसने जेल अधीक्षक जेएस सेठी को मौत होने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
जेल अधिकारियों ने की बेइज्जती
हवालाती प्रवीण शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘मैं प्रवीण शर्मा जिला जेल में सीआईए स्टाफ द्वारा बनाए गए चोरी के झूठे केसों में पिछले 11 महीनों से बंद हूं।
14 दिसंबर को जेल में पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान पुलिस वालों ने बिना कसूर के उसे लाठियां मारी और मारपीट की।
इसकी शिकायत उसने जेल प्रशासन से की और उसका मेडिकल करवाने की गुहार लगाई। जेल प्रशासन ने उसकी नहीं सुनी और बेइज्जत करते हुए कहा कि ऐसी छोटी रिपोर्ट नहीं बनती।
अगर ज्यादा शिकायत करने का प्रयास किया तो हम पिटाई कर देंगे। इस बात से मानसिक तनाव में आकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं और जेल अधीक्षक मेरी मौत का जिम्मेदार होगा’।
प्रवीण पर दर्ज हैं 17 केस
जांच अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि जेल अधीक्षक की शिकायत पर हवालाती प्रवीण कुमार के खिलाफ धारा 309 के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रवीण कुमार के खिलाफ चोरी के विभिन्न थानों में 17 केस दर्ज हैं और वह पेशेवर अपराधी है।