एडीजे डॉ. चंद्रहास की अदालत ने बुधवार को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति, देवर व सास को सात की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों को पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। दोषी पति लालचंद, देवर हरबंस लाल व सास कृष्णा झोरड़नाली के रहने वाले हैं। जबकि मृतका गांव हबोली की बेटी थी।
पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार दस मई 2017 को गांव हबोली के दर्शन सिंह ने बताया कि उसकी दो बेटियां नीलम व सरोज झोरड़नवाली में एक ही घर में लालचंद व हरबंस के साथ करीब दो साल पहले विवाहित हैं। बड़ी बेटी नीलम का पति लालचंद व छोटी लड़की सरोज रानी का पति हरबंस लाल है। दोनों लड़कियों को उनके पति व सास कृष्णा देवी दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे और कहते थे कि तुम दोनों दहेज कम लाई हो। दोनों पक्षों में कई बार पंचायत हुई। लेकिन हार बार ससुराल पक्ष के लोग माफी मांग कर दोनों बेटियों को ले जाते। सात मई 2017 को उसके पास छोटी बेटी सरोज ने फोन किया कि उसके पति हरंबस, जेठ लालचंद व सास कृष्णा देवी ने नीलम के साथ मारपीट की है। दहेज की मांग और मारपीट से तंग आकर नीलम ने जहर पी लिया। जिसे सिरसा के निजी अस्पताल में लेकर गए। मृतका के पिता अनुसार अस्पताल में नीलम का इलाज चल रहा था। लेकिन कुछ ही समय बाद इलाज के दौरान नीलम की मौत हो गई। पुलिस ने मृतका नीलम के पिता दर्शन सिंह के बयान पर सास कृष्णा, पति लाल चंद तथा देवर हरबंस लाल के खिलाफ मामला दर्ज किया। बुधवार को एडीजे डॉ. चंद्रहास की अदालत ने आरोपियों को सात, सात की कैद सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना अदा न करने पर तीनों आरोपियों को एक, एक माह की सजा अतिरिक्त भुगतनी पड़ेगी।