गांव सुकेराखेड़ा में एक छात्र ने अध्यापक की पिटाई से तंग आकर राजस्थान नहर में छलांग लगा दी। छात्र के बैग से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। चौटाला पुलिस ने अध्यापक के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक छात्र का शव बरामद नहीं हुआ है।
गांव सुकेराखेड़ा निवासी सत्रह वर्षीय जयचंद गांव में स्थित राजकीय विद्यालय की दसवीं कक्षा का छात्र था। सोमवार को मध्यावकाश के समय खाना खाने के लिए घर आया। बिना खाना खाए और कुछ बोले ही घर से चला गया। उस समय उसकी मां जसवीर कौर घर पर मौजूद थी। वह पड़ोस में स्थित अपने चाचा के मकान से साइकिल लेकर चला गया। उसके बाद घर नहीं लौटा।
दोपहर बाद करीब एक बजे गांव के दो बच्चे राजवंत और लीला पशुओं को चराते हुए राजस्थान कैनाल की पटरी पर पहुंचे। उन्हें नहर के किनारे जयचंद का साइकिल और चप्पल दिखाई दी। दोनों ने इसकी सूचना जसवीर कौर को दी। जयचंद का बड़ा भाई पुरुषोत्तम और चाचा पाला सिंह उसे देखने स्कूल में पहुंचे। पता चला कि वह मध्यावकाश के बाद विद्यालय लौटा ही नहीं।
जयचंद का बैग तलाशा गया तो उसमें एक रूमाल में बांधकर रखा गया सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना पाकर चौटाला पुलिस चौकी प्रभारी एसआई धन सिंह मौके पर पहुंचे। जानकारी पाकर सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार और डीएसपी सत्यपाल यादव भी आ गए।
जयचंद के बड़े भाई पुरुषोत्तम ने पुलिस को बयान दिया कि उसके भाई की मौत का जिम्मेवार पीजीटी मनीष कुमार है। उसकी वजह से ही जयचंद ने आत्महत्या की है। पुलिस ने पुरुषोत्तम के बयान और सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई करते हुए अध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज करके नहर में से जयचंद की तलाश शुरू कर दी है।
बूट न पहनने पर पीटा था
जयचंद के सहपाठी दीपक और प्रदीप ने बताया कि शनिवार को जयचंद बिना बूट पहने ही स्कूल में आया था। प्रार्थना सभा में अध्यापक मनीष ने उन सहित तीन अन्य विद्यार्थी जयचंद, सागर और सुनील को बाहर निकालकर घर जाने के लिए कह दिया। बाद में एक लड़के को भेजकर दोबारा स्कूल में बुला लिया और उन्हें पीटा। उसी दिन से जयचंद मरने की बातें करने लगा था। प्रदीप के अनुसार सोमवार को पुन: उन्हें कक्षा में खड़ा करके डांटा गया था।
क्या लिखा है सुसाइड नोट में
मैं मनीष सर के कारण आत्महत्या कर रहा हूं और इससे कोई पैसे नहीं लेगा। इसे कम से कम उम्रकैद की सजा होनी चाहिए। इसने सभी बच्चों का जीना मुश्किल किया हुआ है। हर टाइम बच्चों को बात-बात पर पीटते रहते हैं।
एलर्जी थी, तब नहीं पहन रहा था बूट
जयचंद की मां जसवीर कौर ने बताया कि उसके बेटे के पैरों पर एलर्जी थी। इसलिए वह स्कूल में बूट पहनकर नहीं गया था। इस संबंध में वे अध्यापक मनीष कुमार को समझाकर आए थे। इसके बावजूद उसके बेटे को पीटा गया।
मामला दर्ज कर शव की तलाश जारी
सुसाइड नोट के आधार पर कहा जा सकता है कि छात्र अध्यापक मनीष की प्रताड़ना से तंग था। फिलहाल छात्र के भाई पुरुषोत्तम के बयान पर अध्यापक मनीष के खिलाफ दफा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुसाइड नोट को राइटिंग मिलान के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से गोताखोरों को बुलाया गया है। नहर में से शव की तलाश की जा रही है।
-धन सिंह, प्रभारी, चौटाला पुलिस चौकी, डबवाली