संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के निर्वाचित सदस्य प्रकाश साहुवाला गुरुद्वारा दशमी पातशाही में बुधवार को पत्रकारों से रूबरू हुए। प्रकाश सिंह साहुवाला ने कहा कि एचएसजीपीसी के निर्वाचित सदस्यों की ओर से नौ मेंबर मनोनीत किए जाने हैं। इसके लिए कोई भी व्यक्ति अपना आवेदन कर सकता है। इस पर स्क्रीनिंग कमेटी विचार करेगी। हमारा प्रयास रहेगा कि अच्छे लोगों को सदस्य बनाया जाए, ताकि गुरुघरों की सेवा में वह अपना शत प्रतिशत दे सके।
साहुवाला ने कहा कि अकाल पंथक मोर्चा का प्रधान बनना तय है। हमारे पास सबसे ज्यादा सदस्य हैं। अगर उन्हें प्रधान नियुक्त किया जाता है तो सबसे पहले 2014 से अब तक जो भी प्रधान रहे हैं, उन सबकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी गुरुघर की जगहों पर कब्जा हुआ है, उन मामलों में एफआईआर दर्ज करवाएंगे। 12 फरवरी को मोर्चा की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद 14 फरवरी को 9 सदस्य मनोनीत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे अकाल पंथक मोर्चा के पास बहुमत है। 40 में से 27 सदस्य हमारे हैं।
जगदीश झिंडा ग्रुप के भी चार सदस्य हमारे संपर्क में, पांच दिन में मोर्चा मेें हो जाएंगे शामिल
उन्होंने दावा किया कि प्रधान बनने के बाद गुरुघरों की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। एचएसजीपीसी की जमीनों की भी सुध ली जाएगी। कम दाम पर ये जमीन ठेके पर दी जाती रही हैं। संगत ने मुझपर जो भरोसा जताकर चुनाव जिताया है, उस पर खरा उतरूंगा। मैं किसी भी पार्टी से संबंध नहीं रखता, बल्कि मेरा जीवन गुरुघरों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि जगदीश झिंडा ग्रुप के भी चार सदस्य हमारे संपर्क में हैं। उम्मीद है कि अगले 5 दिनों में वे हमारे मोर्चा में शामिल हो जाएंगे।
मेरा कोई राजनीतिक संबंध नहीं
प्रकाश साहुवाला ने कहा कि जगदीश झिंडा राजनीतिक पार्टियों से संबंध रखते रहे हैं। मेरा जो फोटो उन्होंने वायरल किया है वह मेरी भतीजी की शादी का फोटो है। विभिन्न पार्टियों के नेता शादी समारोह में आए थे। वे मेरे भाई के राजनीतिक संबंधों के कारण आए थे। मैंने किसी भी पार्टी का कोई चुनाव नहीं लड़ा। जो चुनाव लड़े हैं, वे गुरुद्वारा से संबंधित हैं।
जगदीश सिंह झिंडा के समय में गुरुघरों की गोलकों का हुआ दुरुपयोग
प्रकाश साहुवाला ने कहा कि जगदीश सिंह झिंडा के समय में गुरुघरों की गोलकों का दुरुपयोग हुआ है। झिंडा ने अपने खर्च भी गुरुद्वारों के खाते में डालकर लाभ लेने का काम किया। उन्होंने कहा कि वे उन्हीं 9 सदस्यों को मनोनीत करेंगे जो पंथ की सेवा कर सकते हो, बुद्धिजीवी हो और पंथ के लिए संघर्षशील हो।