क्षेत्र के गांव दादू में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को एक महिला का प्रसव नर्स ने मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में करा दिया। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने वीरवार को एकत्रित होकर सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और स्टाफ नियुक्ति की मांग की है।
ग्रामीण पूर्व सरपंच दलीप सिंह, मक्खन सिंह, पाला राम, जगवंत सिंह, गुरपाल सिंह, दलीप सिंह, गुरमीत ने बताया कि एक ओर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते यहां पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही।
गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक, हेल्थ इंस्पेक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, स्वीपर, एएनएम, एलएचबी, एमपीएचडब्ल्यू पुरुष आदि कई अन्य पद स्वीकृत किए गए थे, लेकिन मौजूदा समय में एक एएनएम नियमित व एक अस्थाई, जबकि दो जीएनएम ही कार्यरत हैं। एक चिकित्सक की अस्थाई तौर पर जहां ड्यूटी लगाई गई है जो भी कभी कभार ही यहां आते हैं।
उन्होंने बताया कि गांववासी गर्भवती सुखप्रीत कौर को अस्पताल में बिजली न होने के चलते नर्स ने मोबाइल फोन की रोशनी में प्रसव करवाया। जिससे जच्चा-बच्चा की जान भी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपयों की लागत से बनाया गया अस्पताल सुविधाओं के अभाव व स्टाफ की कमी के चलते सफेद हाथी बनकर रह गया है।
वे उक्त केंद्र में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों से अनेक बार मिलकर अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब तक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। जिस कारण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ रहा है।
सीएमओ बोले
इस संबंध में सीएमओ सूरजभान कंबोज ने बताया कि उक्त मामले को लेकर उनके पास कोई शिकायत नहीं आई। यदि ऐसा मामला है तो एसएमओ ओढ़ा से बात करते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र में एक एएनएम नियमित व दो जीएनएम की पोस्ट हैं। जिसमें से एक जीएनएम की कमी है।
वहीं, केंद्र में नियुक्त चिकित्सक छुट्टी पर हैं और उन्होंने अस्थाई तौर पर चिकित्सक की नियुक्ति कर रखी है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है। सरकार के आदेशानुसार स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।
गांव दादू में 10 साल पहले इनेलो के शासन में एक करोड़ 30 लाख रुपये की धनराशि खर्च करके दो मंजिला भवन का निर्माण किया गया था। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, डिस्पेंसरी, एक्स-रे रूम, लैब, स्टॉफ रूम के अलावा एंबुलेेंस सेवा की सुविधा तक उपलब्ध करने का प्रावधान था, लेकिन 10 वर्षों से अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।