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Sirsa News: प्रदेश में पहली बार शहद भी भावांतर भरपाई योजना में शामिल

Tue, 03 Feb 2026 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। गांव घूंकयावाली मधु मख्खी पालन करते हुए. फ़ाइल फोटो
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- मधुमक्खी पालकों के लिए 120 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम मूल्य निर्धारित
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- राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहद को दिया जाएगा बढ़ावा
- जिले में किन्नू, सरसों व अन्य प्रकार के फूलों से बनाया जाता है शहद

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश सरकार ने मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए पहली बार शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। इससे शहद उत्पादन करने वाले मधुमक्खी पालकों को बड़े स्तर पर लाभ मिलेगा। बाजार में शहद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। वहीं, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहद के व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, सरकार की ओर से शहद के लिए संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यदि बाजार में शहद का मूल्य इससे कम रहता है तो पात्र मधुमक्खी पालकों को भावांतर भरपाई के तहत अंतर राशि का भुगतान किया जाएगा। योजना का उद्देश्य मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देना, किसानों की आय बढ़ाना तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।
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वहीं, जिले के 46 मधुमक्खी पालकों को इससे लाभ मिलेगा। आंकड़ों पर गौर करें तो सिरसा में मुख्य रूप से सिरसा, डबवाली, रानियां और ऐलनाबाद क्षेत्र में मधुमक्खी पालन होता है। मुख्य रूप से शहद सरसों, सब्जियों और किन्नू व अन्य बागों से तैयार किया जाता है। गर्मियों के मौसम में मधुमक्खी पालक हिमाचल की ओर रुख कर लेते हैं।
मधु क्रांति पोर्टल के साथ भावांतर भरपाई पोर्टल करना होगा पंजीकरण
अधिकारियों के अनुसार योजना का लाभ उठाने के लिए मधुमक्खी पालकों को मधु क्रांति पोर्टल और भावांतर भरपाई योजना पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। आवेदक का हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले लाभार्थियों का विभाग द्वारा सभी आवेदनों का सत्यापन 30 जून तक किया जाएगा।
मधुमक्खी पालक काे यह करना होगा
- मधुमक्खी बॉक्स पर परिवार पहचानपत्र के आखिरी चार अंकों को गुदवाना होगा।
- बिना गुदवाए हुए बॉक्स को मान्य नहीं किया जाएगा।
- गुदवाने के बाद आवेदन किया जाएगा और विभाग के अधिकारी वेरीफिकेशन करेंगे।
शहद की होगी आईबीडीसी कुरुक्षेत्र में जांच
एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर कुरुक्षेत्र में आवेदनकर्ता मधुमक्खी पालकों के शहद की जांच की जाएगी। शहद की गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा। सैंपल फेल आने की स्थिति में शहद को मान्य नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, बॉक्स में शहद के मानकों को आधार बनाकर ही भावांतर भरपाई योजना का लाभ दिया जाएगा। क्योंकि दूसरे राज्यों से शहद में मिलावट की आशंका भी बनी रहती है।
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कोट़स
जिले के सभी मधुमक्खी पालकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए मधुमक्खी पालक किसी भी कार्य दिवस पर जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश में पहली बार मधु मक्खी पालकों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
-दीन मोहम्मद, जिला उद्यान अधिकारी, सिरसा
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