संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला नागरिक अस्पताल में एचआईवी के 3315 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। इनमें से इलाज और पोषाहार के लिए मिलने वाली सहायता के रूप में करीब 770 संक्रमित पेंशन के पात्र हैं। ये पात्र पिछले 11 माह से पेंशन की बाट जोह रहे हैं। नागरिक अस्पताल में बजट आने पर अंतिम बार इन पात्रों को मार्च में पेंशन दी गई थी।
विभाग के चिकित्सकों के अनुसार वर्ष 2024 के अप्रैल में नए सत्र के दौरान बजट आने की उम्मीद थी, लेकिन तब लोकसभा चुनाव के कारण बजट नहीं मिला था। इसके बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही दोबारा आचार संहिता लगने के कारण बजट अटक गया था। इस कारण संक्रमितों को भी पेंशन देना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
एचआईवी संक्रमितों को सरकारी सहायता के रूप में प्रत्येक मरीज को 2,250 रुपये मासिक और 27,000 रुपये वार्षिक पेंशन दी जाती है, ताकि सभी संक्रमित मरीज पौष्टिक आहार ले सकें। इस दर से विभाग पर करीब 2 करोड़ से ज्यादा की पेंशन राशि बकाया है। विभाग का कहना है कि सरकार से मिलने वाले बजट में देरी के कारण पात्रों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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पेंशन के लिए अनिवार्य शर्त
जिले में पंजीकृत एचआईवी संक्रमितों की संख्या 3300 के करीब है, लेकिन इनमें से कई संक्रमित प्रदेश की सीमा से लगते पंजाब समेत अन्य राज्यों के निवासी हैं। इसलिए उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल सकता। सरकार ने इसके लिए शर्त रखी है कि संक्रमित की आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इससे अधिक आय वाले संक्रमित को भी पेंशन का लाभ नहीं मिलता है।
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कोट्स
बजट में अभाव के कारण एचआईवी संक्रमितों को पेंशन नहीं मिल पा रही है। पिछली बार मार्च में कुछ बजट आया था। इसमें हमारे पास करीब 750 पेंशन धारक थे। उनके बैंक खातों में पेंशन भेज दी गई थी। बजट में पैसा कम आने से उनमें से भी कई मरीज बच गए थे। अभी हमारी तरफ से उच्च विभाग को दो बाद नोटिस भेजे गए हैं। बजट के आने के बाद ही मरीजों को पेंशन दी जाएगी। -डॉ. अमित श्योराण, चिकित्सा अधिकारी, क्षय रोग विभाग सिरसा।