परिजनों के अनुसार शिवकुमार के बड़े भाई अनिल गुप्ता की एक साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद शिवकुमार और नीरज पर उनके परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी। पिता और पुत्र मिलकर दोनों घर चला रहे थे। शिवकुमार ई-रिक्शा चलाते थे और नीरज की मेडिकल की दुकान थी। मां आरती लोगों के घरों में साफ-सफाई का काम करती थी। बहन सुनैना बठिंडा में प्राइवेट नौकरी कर रही थी। भूमिका उर्फ भूमि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डबवाली में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, जबकि डुग्गू अरोड़ावंश स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था।
गुप्ता परिवार 30 साल पहले उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के गांव नवाबगंज से डबवाली आकर बसा था। किलियावाली में उन्होंने अपना मकान बनाया हुआ था। दोनों भाइयों में आपसी प्रेम था। इस कारण बड़े भाई के परिवार को शिव कुमार ही संभालता था। अब परिवार में केवल शिव कुमार की भाभी और उसकी तीन भतीजी और एक भतीजा ही बचे हैं।
राजस्थान पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीकानेर से 110 किलोमीटर पहले भारत माला हाईवे पर जैतपुर के पास हादसा हुआ। हादसा इतना भीषण था कि पुलिस को कार को काटकर शवों को बाहर निकालना पड़ा। हादसे में मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई थी। जबकि भूमिका ने हनुमानगढ़ के अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। भारत माला एक्सप्रेस वे छह लेन है। हाईवे पर जैतपुर एरिया के पास चालकों को खुला एरिया मिलता है और उस दौरान चालक वाहनों की गति बढ़ा देते हैं। संभवत: यह हादसा कार की ओवरस्पीड के कारण हुआ। सड़क किनारे खड़ा ट्रक दिख नहीं पाया और कार पीछे से उसमें जा घुसी।
नीरज गुप्ता के मेडिकल स्टोर पर मंगलवार को पुलिस व ड्रग्स विभाग की टीम ने छापा मारा था। इस दौरान 1032 टैबलेट्स गाबा पेंटीन व 860 कैप्सूल गाबा पेंटीन के मिले थे। नीरज इनकी खरीद व बिक्री के दस्तावेज दिखा नहीं पाया था। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया था।