सिरसा। आशंकित तीसरी लहर को देखते हुए स्कूलों के खुलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में आ रहे विद्यार्थियों के कोरोना सैंपल लेगी। विभाग ने टीमों का गठन कर ब्लॉक अनुसार अभियान चलाने का प्लान तैयार किया है। हर रोज अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर टीमें शिक्षकों और विद्यार्थियों के सैंपल लेंगी। रिपोर्ट में अगर कोई विद्यार्थी संक्रमित पाया जाता है तो नियम अनुसार स्कूल को बंद किया जाएगा।
जिले में छठी से 12वीं कक्षा तक के स्कूल गाइड लाइन के अनुसार खुले हैं। रोटेशन के अनुसार विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाया जा रहा है। लेकिन स्कूलों में अध्यापक व विद्यार्थी कोरोना गाइडलाइन के नियमों की अवहेलना करते देखे जा रहे हैं। विद्यार्थियों के आपसी संपर्क से कोरोना संक्रमण न फैले इसलिए स्वास्थ्य विभाग ब्लॉक स्तर पर विद्यार्थियों के कोरोना सैंपल लेंगी। सैंपल की रिपोर्ट स्कूल मुखिया के पास भेजी जाएगी। जिले में छठी से 12वीं कक्षा तक के ही करीब 85 हजार विद्यार्थी हैं।
स्कूल ग्रांट की 25 प्रतिशत राशि होगी कोरोना से बचाव के लिए प्रयोग
शिक्षा निदेशालय द्वारा विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद जिले के राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा जारी करने जा रहा है। यह राशि कोरोना से बचाव के लिए स्कूल प्रयोग करेंगे। शेष 75 प्रतिशत ग्रांट परियोजना अनुमोदन बोर्ड के आदेश के बाद जारी की जाएगी।
वैक्सीन ले चुके अध्यापकों की नहीं है जानकारी
जिले के छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं लगा रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों में आने वाले अध्यापकों को कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगवाकर इसकी जानकारी स्कूल मुखिया व ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए थे। स्कूल खुलने के 17 दिन बाद भी जिला शिक्षा विभाग के पास टीका लगवा चुके शिक्षकों के सहीं आंकड़े नहीं है। राजकीय स्कूलों में छठी से आठवीं तक के करीब 1400 शिक्षकों विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं।
कक्षाओं के दौरान नहीं रखा जा रहा ध्यान
राजकीय व प्राइवेट स्कूलों में छठी से 12वीं की कक्षाएं लग रही है लेकिन कक्षा के दौरान सामाजिक दूरी नियम को तोड़ा जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों को घर से लेने स्कूल बसें पहुंच रही हैं। स्कूल के खेल मैदान में सभी विद्यार्थी एक साथ खेल रहे हैं। कक्षा के दौरान मास्क का भी प्रयोग नहीं किया जा रहा। जिसके कारण कोरोना संक्रमण के फैलने का डर बना हुआ है।
आशंकित तीसरी लहर को देखते हुए अब स्कूलों में विद्यार्थियों के कोरोना सैंपल लिए जाएंगे। ब्लॉक अनुसार अलग-अलग स्कूलों में कैंप लगाया जाएगा। ऐसे में अगर कोई विद्यार्थी संक्रमित पाया जाता है तो नियम अनुसार स्कूल को बंद किया जाएगा।
-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा