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म्हारी बेटियों का कमाल, फुटबाल में हरियाणा ने मिजोरम को हराया

Mon, 01 Feb 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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दो सहेलियों ने भारतीय फुटबाल टीम में जगह पाने के लिए दस्तक दे दी है। राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए दोनों को कैंप के लिए बुलाया गया है।
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दोनों बेटियों को हरफनमौला प्रदर्शन की बदौलत कैंप में जगह मिली है। इन बेटियों के कारण हरियाणा का नाम देश में ऊंचा हुआ है। राजीव गांधी खेल अभियान (आरजीकेए) के तहत पांडिचेरी में शनिवार को संपन्न हुई राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में फुटबाल अंडर-16 में हरियाणा ने मिजोरम को हराकर गोल्ड मेडल जीता है।

टाई ब्रेकर में फंसा था मैच, बेटियों ने दागे गोल
फाइनल मुकाबले में हरियाणा और मिजोरम की टीमों ने शानदार खेल दिखाया। हॉफ बैक और लेफ्ट बैक पॉजीशन में खेलने वाली डबवाली की अंजलि और नवनीत ने लगातार विरोधी टीम के आक्रमण को निष्क्रिय किया। अंतिम समय तक दोनों टीमों का स्कोर शून्य रहा।
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मुकाबला टाई ब्रेकर तक खिंच गया। दोनों टीमों को पांच-पांच गोल करने का मौका मिला। हरियाणा की ओर से डबवाली की दोनों खिलाड़ियों को मौका मिला। चयनकर्ताओं के विश्वास पर खरा उतरते हुए दोनों ने गोल किए। डबवाली की दोनों बेटियों की बदौलत हरियाणा ने मिजोरम पर 5-3 से विजयी पाकर प्रतियोगिता जीत ली। प्रतियोगिता 26 जनवरी से शुरू हुई थी।

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टीम 22 जनवरी को पांडिचेरी की ओर रवाना हुई थी। पूल में पहले दो मुकाबले कर्नाटक से हुए थे। पहले मुकाबले में हरियाणा ने 9-0 और दूसरे मुकाबले में 2-1 से विजयी दर्ज की थी। दोनों मुकाबलों में अंजलि ने गोल किए।

क्वार्टर फाइनल में छत्तीसगढ़ को 5-0 से पीटा। इसमें भी डबवाली की बेटी अंजलि ने एक गोल दागा। सेमीफाइनल में हरियाणा की बेटियां मणिपुर की टीम से भिड़ीं। रोमांचक और अहम मुकाबले में टीम ने 2-0 से विजय पाई। अंजलि के पास पर फॉरवर्ड ने गोल दागा।

इस गोल की बदौलत प्रदेश का स्कोर 2-0 हुआ। गोल अंजलि के खाते में गया। शनिवार को फाइनल में मिजोरम पर जीत दर्ज करने के बाद डबवाली की दो बेटियां चमक गईं। दोनों का सिलेक्शन भारतीय फुटबाल टीम के अंडर-16 आयु वर्ग के लिए लगभग तय हो चुका है। इससे पहले दोनों खिलाड़ी प्रदेश की टॉप सात खिलाड़ियों में आ गई हैं। इन सातों खिलाड़ियों का चयन भारतीय टीम की सिलेक्शन से पूर्व लगने वाले कैंप के लिए किया गया है। गौरतलब है कि बेटियों के साथ बेटों की टीम भी राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए गई थी, लेकिन पूल मैचों में हार के साथ ही बाहर हो गई।

अंजलि के प्रदर्शन पर एक नजर
अंजलि की उम्र महज 15 साल है। वह खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारहवीं की छात्रा है। वर्ष 2010 में चंडीगढ़ में हुई नेशनल फुटबाल प्रतियोगिता में उसने अपने सुहानी खेल का सफर शुरू किया था। टीम को सिल्वर मेडल मिला। वर्ष 2014-15 में मणिपुर में आयोजित स्कूल नेशनल के अंडर-17 आयु वर्ग में ब्रॉंज मेडल मिला।

अप्रैल 2015 में कटक (ओडिसा) में हुई सब जूनियर नेशनल गेम्स में सिल्वर मेडल मिला। पांडिचेरी में आयोजित आरजीकेए प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है। अंजलि का यह चौथा नेशनल पदक है। हालांकि दिसंबर 2015 में अंडर-19 स्कूल नेशनल खेलने के लिए उसने तमिलनाडु जाना था, लेकिन वहां आई बाढ़ की वजह से यह प्रतियोगिता स्थगित हो गई।

नवनीत के करिअर पर नजर
नवनीत भी अंजलि के साथ ग्यारहवीं की छात्रा है। वर्ष 2014-15 में अंडर-16 आयु वर्ग में राजीव गांधी खेल अभियान के तहत प्रतियोगिता में भाग लिया था। टीम क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गई थी। अब पांडिचेरी में प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया।

खेलों में उभरता डबवाली
खंड डबवाली लगातार खेलों में उभर रहा है। प्रदेश के अंतिम कोने पर बस यह खंड खेलों की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इसके बावजूद प्रदेश और प्रदेशों को बेहतर खिलाड़ी दे रहा है। गांव पन्नीवाला मोरिकां के रहने वाले बरिंदर सरां ने भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाई है। अब गांव डबवाली की बेटियां अंजलि और नवनीत भारतीय फुटबाल टीम में जगह बनाने से महज एक पायदान पीछे हैं।
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दोनों खिलाड़ियों का चयन भारतीय फुटबाल टीम की सिलेक्शन के लिए आयोजित होने वाले कैंप के लिए हुआ है। वह दिन दूर नहीं, जब दोनों राष्ट्रीय टीम का हिस्सा होंगी। तीन फरवरी को दोनों वापस डबवाली पहुंच रही हैं।
-राजन कुमार, कोच
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