हरियाणा में इस बार भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ है। सिरसा सीट पर कुमारी सैलजा ने कांग्रेस के टिकट पर एकतरफा चुनाव जीत लिया है। यहां उनका सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर से था।
हरियाणा में पहली जीत घोषित हो गई है। कुमारी सैलजा 2 लाख 68 हजार 497 वोट से जीतीं हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से कुमारी सैलजा ने 733823 मत प्राप्त कर 268497 के अंतर से अशोक तंवर को हरा दिया है। भारतीय जनता पार्टी से अशोक तंवर को 465326 मत प्राप्त हुए हैं। सिरसा संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा और भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर में आमने-सामने का मुकाबला था।
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सिरसा जिले में कई क्षेत्रों में किसान आंदोलन और जजपा नेताओं के कांग्रेस का समर्थन करने का भी असर देखा गया। हलोपा और भाजपा के प्रभाव वाले सिरसा विधानसभा क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में इस बार करीब दस फीसद मतदान घटा। कालांवाली और डबवाली किसान आंदोलन का केंद्र रहा है। मतदान प्रतिशत यहां भी घटा है लेकिन इन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं।
अभय चौटाला के क्षेत्र ऐलनाबाद में इनेलो को भी वोट पड़े हैं। चौधरी रणजीत सिंह के क्षेत्र रानियां में कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने रहे। तीखी धूप के कारण सभी क्षेत्रों में मतदान पर असर पड़ा है। वहीं मतदान भी कम हुआ था। सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक मतदान केंद्रों पर नाममात्र मतदाता नजर आए थे। शहरी क्षेत्रों में भाजपा और ग्रामीण इलाकों में इंडिया गठबंधन की ओर मतदाताओं का ज्यादा रुझान नजर आया।
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ये रहे भाजपा के हार के कारण
हरियाणा में दस साल से भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी देखने को मिली।
सिरसा में किसान आंदोलन का प्रभाव देखने को मिला।
हरियाणा में युवाओं में बेरोजगारी का मुद्दा रहा, जिसपर वोटिंग भी हुई।
भाजपा प्रत्याशी पर बार-बार पार्टी बदलने के आरोप लगे। जिसका उनको नुकसान हुआ।