घग्गर नदी से गांवों में घुसा बाढ़ का पानी अब बवाल का कारण बनने लगा है। गांवों में पानी न घुसे, इसलिए लोग तटबंध बनाकर या सड़क तोड़कर बहाव दूसरे गांवों की तरफ मोड़ने लगे हैं। इससे ग्रामीणों में तकरार के मामले सामने आने लगे हैं। मंगलवार को सिरसा के गांव बुर्जकर्मगढ़ के पास पांच गांवों के लोग भिड़ गए। इसमें एक महिला सहित चार लोग घायल हो गए और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह छह बजे सिरसा के पनिहारी व बुर्जकर्मगढ़ के लोगों ने नेशनल हाईवे के नीचे बंद किए साइफन को खोल पानी की निकासी करानी शुरू कर दी। गांव फरवाई कलां, फरवाई खुर्द व नेजाडेला खुर्द लोगों ने पहुंचकर इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
मामला भड़कने पर दोनों तरफ से लाठी डंडे और ईंट-पत्थर चले। फतेहाबाद के गांव अयाल्की के लोग भी आपस में भिड़ गए। आबादी में जलभराव न हो, इसलिए प्रशासन ने रतिया-फतेहाबाद मार्ग पर दो स्थानों पर जेसीबी से सड़क को तोड़कर पानी का बहाव दूसरी ओर कर दिया।
सड़क तोड़े जाने के बाद गांव के ही दो गुट आमने-सामने हो गए। एक गुट का कहना था कि उनका बचाव होगा तो दूसरे गुट ने कहा कि पानी मुड़कर अयाल्की में उनके घरों की ओर आ जाएगा। दोनों गुटों में पत्थरबाजी भी हुई। दोनों जिलों में पिछले पांच दिन में ऐसे कई विवाद हो चुके हैं जिसमें फायरिंग, पत्थरबाजी व मारपीट जैसी घटनाएं हुई हैं।
गांव खैरेकां और चामल के पास टूटे तटबंध
सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे गांव खैरेकां के पास से घग्गर नदी का छोटा तटबंध टूट गया। इससे चामल के पास माइनर का तटबंध भी टूट गया।
फतेहाबाद पहुंचा बाढ़ का पानी, अयाल्की के पास दो जगह तोड़ी सड़क
बाढ़ का पानी जाखल, टोहाना व रतिया के बाद फतेहाबाद शहर के बाहरी इलाकों में प्रवेश कर गया। फतेहाबाद से रतिया मार्ग पर रंगोई चैनल में कई जगह दरार आ चुकी हैं। जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या भी 80 से बढ़कर 102 पहुंच गई। रतिया बाईपास पर बैरिकेड्स लगाकर आवाजाही रोकी दी गई है। अयाल्की के पास से गुजरने वाले रंगोई चैनल में तीन डीएसपी सहित सिंचाई विभाग, पंचायती राज के अधिकारियों व सेना को तैनात किया गया है।