फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana Flood: सिरसा-फतेहाबाद में 4 और तटबंध टूटे, जाखल, रतिया, टोहाना में बुलाई सेना, प्रदेश में चार और मौत

Mon, 17 Jul 2023 01:55 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, सिरसा/फतेहाबाद/चंडीगढ़/पलवल/पानीपत (हरियाणा)

सार

सिरसा में घग्गर का जलस्तर 54 हजार क्यूसेक पहुंच गया। डबवाली हाईवे एक तरफ से बंद है। पलवल में उतरने लगा पानी परस्थिति खराब है। वहीं जीटी बेल्ट के जिलों में अब राहत है। दो दिन में 8 तटबंध टूटे हैं, 24 घंटे में प्रदेश के 87 और गांव चपेट में आ गए।  
विज्ञापन
गांव अहरवां के पास रंगोई नाले में आया बड़ा कटाव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिरसा और फतेहाबाद में बाढ़ का कहर दूसरे दिन भी जारी है। रविवार को भी इन दोनों जिलों में चार और तटबंध टूट गए। ये तटबंध सिरसा के मीरपुर के पास दो जगह व सहारणी और फतेहबाद के अहरवां के पास टूटे। दो दिन में आठ तटबंध टूटने से घग्गर के पानी ने शहरों की ओर रुख करना शुरू कर दिया। जाखल, रतिया व टोहाना शहर में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है।

विज्ञापन


तीनों शहरों में सेना की चार टुकड़ियों समेत एनडीआरएफ की दो टीमों को बुलाया गया है। फतेहाबाद शहर की तरफ भी तेजी से पानी बढ़ रहा है। फतेहाबाद जिले के 60 गांवों तक पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है। इससे रतिया-भूना मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई है। 

बीते 24 घंटे में प्रदेश के 87 गांव और बाढ़ की चपेट में आ गए। सरकार के मुताबिक, अब तक 1298 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालांकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 1385 था लेकिन रविवार को प्रशासन ने रिपोर्ट दुरुस्त कर संख्या 1298 कर दी। उधर सिरसा में घग्गर का जलस्तर 54 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है।
विज्ञापन


रविवार को डबवाली नेशनल हाईवे पर खैरेकां के पास घग्गर पर बने पुल में दरार आने के कारण प्रशासन ने एक तरफ के आवाजाही बंद कर और हाईवे को वन-वे कर दिया। घग्गर नदी के साथ लगते 49 गांव खतरे में हैं। 24 गांवों में पानी पहुंच चुका है। 10 गांवों के हालात नाजुक बने हुए हैं।

जीटी बेल्ट के चीका में घग्गर नदी में जलस्तर तो घट गया लेकिन छह दिन बाद भी पंजाब से संपर्क कटा हुआ है। पलवल में यमुना का जलस्तर शनिवार रात से कम होना शुरू हो गया है, परंतु अभी खतरा कम नहीं हुआ है। अभी मात्र एक से दो फीट ही पानी उतरा है।

रविवार को चार लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 फरीदाबाद से हैं। दो लोगों की मौत बल्लभगढ़ इलाके में हुई जबकि एक उत्तर प्रदेश के रहने वाले युवक का शव मिला है। इनकी पहचान गांव कबूलपुर के रूपा (35), गांव लतिपुर निवासी दर्शन सिंह व यूपी के जेवर निवासी अजीत (24) के रूप में हुई है। पानीपत में भी एक बकरी पालक की मौत हो गई।

नवारा-आर निवासी राजेश (38) शनिवार को हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर आया था और रविवार को 12 साल की बेटी के साथ कई दिन से भूखी बकरियों को चराने ले गया था। गड्ढे में डूबने से उसकी जान चली गई। मरने वालों का आंकड़ा 30 पहुंच गया।  

बाढ़ के साथ अब बीमारियों की दोहरी मार पड़नी शुरू हो गई है। अकेले करनाल में डायरिया के 56 मरीज हैं। सोनीपत के 8 गांवों में 395 मरीज मिले हैं। हालांकि सेहत विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य जांच शिविर व फोगिंग का काम शुरू कर दिया। घर-घर जाकर सर्वे भी किया जा रहा है और 5558 ओआरएस के पैकेट व क्लोरीन की टेबलेट बांटने का काम जारी है।  सेहत विभाग के अनुसार, 15 जुलाई तक टीमों ने 354 गांवों और शहरी क्षेत्र के 36 वार्डों का दौरा कर 7841 मरीजों को जांचा। इनमें 752 को बुखार, 229 को आंत्रशोथ, 16 को पेचिश, एक को पीलिया, एक को सर्पदंश, 1036 को चर्म रोग, 314 को नेत्र रोग और 3228 को अन्य रोग पाए गए। 29 गांवों/वार्डों में फॉगिंग की गई है। पेट इंफेक्शन के केसों में भी बढ़ोतरी हुई है।

बीमारियों की दोहरी मार...करनाल में फैला डायरिया
बाढ़ के साथ अब बीमारियों की दोहरी मार पड़नी शुरू हो गई है। अकेले करनाल में डायरिया के 56 मरीज हैं। सोनीपत के 8 गांवों में 395 मरीज मिले हैं। हालांकि सेहत विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य जांच शिविर व फोगिंग का काम शुरू कर दिया। घर-घर जाकर सर्वे भी किया जा रहा है और 5558 ओआरएस के पैकेट व क्लोरीन की टेबलेट बांटने का काम जारी है।  सेहत विभाग के अनुसार, 15 जुलाई तक टीमों ने 354 गांवों और शहरी क्षेत्र के 36 वार्डों का दौरा कर 7841 मरीजों को जांचा। इनमें 752 को बुखार, 229 को आंत्रशोथ, 16 को पेचिश, एक को पीलिया, एक को सर्पदंश, 1036 को चर्म रोग, 314 को नेत्र रोग और 3228 को अन्य रोग पाए गए। 29 गांवों/वार्डों में फॉगिंग की गई है। पेट इंफेक्शन के केसों में भी बढ़ोतरी हुई है।

साइफन से रास्ता निकाल राजस्थान की तरफ मोड़ा पानी
घग्गर का बढ़ता जलस्तर देख सिरसा प्रशासन ने बणी साइफन से रास्ता निकालकर घग्गर नदी का पानी राजस्थान की राज कनाल की तरफ मोड़ दिया है। इससे घग्गर के जलस्तर में कमी आएगी। पानी छोड़ने के लिए राजस्थान के नहरी विभाग ने भी अनुमति दे दी है। 

अगले चार दिन पहाड़-मैदान के लिए भारी, हरियाणा में यलो अलर्ट...
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान समेत देश के अधिकतर पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले चार दिन भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। हरियाणा में यलो अलर्ट है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें