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शराब की दुकान बंद करवाने के लिए काटा बवाल

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प्रशासन से बार-बार शराब ठेका हटाने की मांग कर रहे बेगू रोड के आसपास कॉलोनी के लोगों ने शनिवार को उग्र रूप धारण करते हुए जोरदार प्रदर्शन कर ठेके में जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद सिरसा-भादरा रोड पर यातायात जाम कर दिया। शनिवार सुबह लगभग 11 लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और यातायात बाधित कर दिया।
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इसके बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो लोगों ने ठेके और साथ बने अहाते में तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों द्वारा लगाए जाम से लगभग चार घंटे यातायात बाधित रहा। आखिरकार प्रशासन की ओर से जिला आबकारी एवं कराधान अधिकारी, डीएसपी, तहसीलदार, एसएचओ मौके पर पहुंचे।

डीईटीसी ने लोगों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में ठेके को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ठेके को ताला लगाकर चाबी अपने साथ ले जा रहे हैं। शहर के बेगू रोड पर पेपर मिल के सामने खुले शराब ठेके और अहाते को बंद करवाने के लिए आसपास रहने वाले लोग पिछले एक माह से प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। उन्होंने इससे पहले जिला उपायुक्त को चार ज्ञापन सौंपे थे, इसके बाद भी कोई कार्रवाई न होते देख लोगों का प्रशासन व ठेका मालिकों के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा।
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शनिवार को बड़ी संख्या में एकत्रित हुए लोगों, जिसमें सैकड़ाें महिलाएं भी शामिल थी, ने सुबह 11 बजे ठेके के सामने प्रदर्शन करते हुए सिरसा-भादरा मार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों में प्रशासन के प्रति बेहद रोष था, लोगों का आरोप था कि प्रशासन ठेकेदारों से मिला हुआ है।

अधिकारियों नहीं आया तो दोगुना हुआ गुस्सा
प्रशासन से नाराज लोगों का गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब लंबे समय तक उनकी बात सुनने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया। गुस्साए लोगों नेे ठेके में घुसकर वहां रखी शराब की बोतलें सड़क पर फेंकनी शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने ठेके के साथ बने अहाते में लगे सामान को उखाड़ दिया, देखते ही देखते पूरे रोड पर हड़कंप मच गया। लोगों के गुस्से को देखते हुए ठेके पर मौजूद लोग वहां से भाग खड़े हुए। इस दौरान ठेके पर शराब भी उतर रही थी, महिलाआें के गुस्से को देखते हुए चालक गाड़ी को लेकर भाग खड़ा हुआ।  

महिलाएं बोलीं, मजबूरन की कार्रवाई
प्रदर्शनकारी महिलाआें ने बताया कि इस ठेके को बंद करवाने की मांग के लिए वे चार बार प्रशासन से गुहार लगा चुकी हैं। एक तो यह ठेका मुख्य सड़क पर है और ठेके के पास लड़कियों के दो स्कूल व कॉलेज हैं। उन्हाेंने बताया कि शराब ठेका होने के कारण वहां से गुजरने वाली छात्राओं और आम महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। आवारा किस्म के लोग ठेके के पास इकट्ठे हो जाते है और दारू पीकर आने जाने वाली लड़कियों से छेड़छाड़ करते हैं।

उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन जानबूझकर इस ठेके को बंद नहीं कर रहा, जबकि वे चार बार उपायुक्त को ज्ञापन सौंप चुके हैं। एक माह बीत जाने के बाद भी ठेका वैसे का वैसे ही चालू था, साथ में अहाता भी बना रखा था। प्रशासन ने  कार्रवाई नहीं की तो शनिवार को उन्हें मजबूरन कानून हाथ में लेना पड़ा है।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद हुए शांत
लोगों के गुस्से और तोड़फोड़ की खबर मिलते ही तहसीलदार ओपी बिश्नोई, डीईटीसी आरसी रंगा, डीएसपी, शहर थाना प्रभारी मौजीराम, कीर्ति नगर चौकी प्रभारी रामकुमार, ठेकेदार जग्गी फुटेला व अन्य मौके पर पहुंचे। डीईटीसी आरसी रंगा ने लोगों को समझाते हुए सर्वप्रथम ठेके को ताला लगाकर चाबी जेब में डाल ली।

उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि सात दिन के अंदर-अंदर इस ठेके को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। लोगों अधिकारियों से लंबे समय तक बहस करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी शाह सतनाम चौक से लेकर नेजिया तक कोई शराब का ठेका नहीं खुलना चाहिए अन्यथा होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मीडियाकर्मियों से हाथापाई
प्रदर्शनकारी अहाता तोड़ने के बाद ठेके का ताला खोलकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। उसे अपने कैमरे में कैद करने के लिए तीन-चार मीडियाकर्मी आगे बढ़कर फोटो लेने लगे तो एक नकाबपोश युवक ने एक मीडियाकर्मी के हाथ से कैमरा छीनने की कोशिश की, जिससे उसका कैमरा जमीन पर गिरकर टूट गया। उसके पीछे खड़े दूसरे मीडिया कर्मी के साथ उस युवक की हाथापाई भी हुई। इसके बाद अन्य मीडियाकर्मी आगे बड़े तो वह युवक भाग खड़ा हुआ। बहुत बड़ी संख्या में जमा भीड़ होने के कारण युवक भागने में कामयाब हो गया।   
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